मस्त विचार 4395
” क्या करना है ” सिर्फ यही हमारे हाथ में है,
” क्या होगा ” यह हमारे हाथ में नहीं है..
” क्या होगा ” यह हमारे हाथ में नहीं है..
तो अपनी बारी का इंतज़ार जरूर करना !!
इसे अपना आंतरिक मार्गदर्शक बन जाने दें.
जो तलाशता है उसे खामी दिखेगी.
चारो तरफ बहने वाली हवाओं और लोगों की देखा देखी कोई काम मत करो,
क्योंकि हवाएं रोज़ बदल जाती है.
नज़रअंदाज़ करने वालों से नज़र हम भी नहीं मिलाते.
जो खुद भी अब पहले जैसे नहीं रहे…