मस्त विचार 018
चहरा आप का दिखा कर एहसास करा गये बहुत कुछ.
चहरा आप का दिखा कर एहसास करा गये बहुत कुछ.
_ हज़ारों बातें दिल के अंदर ही रह जाती हैं !!
तुमको अपने आप ही सहारा मिल जाएगा.
कश्ती कोई डूबती पहुँचा दो किनारे पे,
तुमको अपने आप ही किनारा मिल जाएगा.
इतने मिले दुःख कि दुःख ही दवा बन गए.
न खुशी में ख़ुशी न ग़म में ग़म मिले.
मन और दिमाग सब सुन्न हो गया.
चोट पे चोट मै खाता चला गया.
खामोश रहा पर मै कुछ कह न सका.
मुस्कुराना मै भी हूँ चाहता.
पर तरसता हूँ एक बहाने को.
तू आए तो एक बहाना बन जाए.
अतएव उसके बगैर ही मै आगे बढ़ चला.
_ सुना है अंत मे सब ठीक हो जाता है..