Quotes by Mother Teresa

To keep a lamp burning, we have to keep putting oil in it.

We are all pencils in the hand of God.

Be faithful in small things because it is in them that your strength lies.

Let us always meet each other with smile, for the smile is the beginning of love.

Spread love every where you go. Let no one ever come to you without leaving happier.

If we have no peace, it is because we have forgotten that we belong to each other.

Love begins by taking care of the closest ones — the ones at home.

If you can’ t feed a hundred people, then feed just one.

We ourselves feel that what we are doing is just a drop in the ocean. But the ocean would be less because of that missing drop.

Love is a fruit in season at all times, and within reach of every hand.

Joy is a net of love by which you can catch souls.

I alone cannot change the world, But i can cast a stone across the waters to create many ripples.

Do not wait for leaders, do it alone, ” Person to person “.

If you judge people, you have no time to love them.

Not all of us can do great things, But we can do small things with great love.

Don’ t expect your friend to be a perfect person. But, help your friend to become a perfect person. That’s is true Friendship.

Quotes by George Bernard Shaw

A life spent making mistakes is not only more honorable, but more useful than a life spent doing nothing.

You see things ; You say, ” Why ? ” But i dream things that never were, and i say ” Why not ? “.

Beware of the man whose god is in skies.

Progress is impossible without change, and those who cannot change their minds, cannot change anything.

Life isn’ t finding yourself. Life is about creating yourself.

We are made wise not by the recollection of our past, but by the responsibility for our future.

Alcohol is the anesthesia by which we endure the operation of life.

Do not waste your time on Social Questions. What is the matter with the poor is Poverty ; What is the matter with the rich is Uselessness.

The golden rule is that there are no golden rules.

Animals are my friends…and i don’ t eat my friends.

There are two tragedies in life. One is lose your heart’s desire. The other is to gain it.

Better keep yourself clean and bright ; You are the window through which you must see the world.

The test of a man or woman’s breeding is how they behave in quarrel.

Imagination is the beginning of Creation. You imagine what you desire, You will what you imagine and at last you create what you will.

Beauty is all very well at first sight ; but who ever looks at it when it has been in the house three days ?

Quotes by Albert Einstein

Every body is genious. But if you judge a fish by its ability to climb tree, if will live its whole life believing that it is stupid.

प्रत्येक शरीर प्रतिभाशाली है. लेकिन अगर आप किसी मछली को उसकी पेड़ पर चढ़ने की क्षमता से आंकेंगे, तो क्या वह अपना पूरा जीवन यह मानते हुए जिएगा कि वह मूर्ख है.

In the middle of difficulty lies opportunity.

कठिनाई के बीच में अवसर निहित होता है.

“Great spirits have always encountered voilent opposition from mediocre minds.” If you want to achieve your own greatness, to climb your own mountains, you’ll have to use yourself as your first and last consultant.

“महान आत्माओं को हमेशा औसत दर्जे के दिमागों से तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा है”

_यदि आप अपनी खुद की महानता हासिल करना चाहते हैं, अपने खुद के पहाड़ों पर चढ़ना चाहते हैं, तो आपको खुद को अपने पहले और आखिरी सलाहकार के रूप में उपयोग करना होगा.

“The world as we have created it is a process of our thinking.
It cannot be changed without changing our thinking.”

“जैसा कि हमने दुनिया बनाई है, यह हमारी सोच की एक प्रक्रिया है.
हमारी सोच को बदले बिना इसे बदला नहीं जा सकता.”

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human body is very precious, Respect it and learn how to use it properly. As once health and life is lost, it can never be brought back.

मानव शरीर बहुत कीमती है, इसका सम्मान करें और इसका सही उपयोग करना सीखें, _ जैसे एक बार स्वास्थ्य और जीवन खो गया, इसे कभी वापस नहीं लाया जा सकता है.

 

सुविचार – बातें बेवजह की – 152

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लोग कैसे पूरा समय सिर्फ खाने और पकाने की बात कर सकते हैं ;

_किसी को अपडेट देने के लिए बातें ..सिर्फ खाने और पीने की, सब कुछ कुशल हो गया, खाना पीना बढ़िया हो गया _ ही दिए जाते हैं..!!
_कितनी बोरियत भरी है जिंदगी…कितना पाखंड है..
_ कहीं तो सुधार जाओ… कहीं तो कुछ छोड़ दो..
_ज्यादातर लोग ठग, धूर्त हैं, और पैरों की एकरसता, घर, भोजन, गगनचुंबी इमारतें, जॉब, प्यार…
_..शून्यता के एक खोखले गड्ढे पर खड़ी ..एक पूरी दुनिया !!
_अर्थहीन !!! बिल्कुल अर्थहीन !!
आपका जीवन बेहतर हो रहा है, इसका एक प्रमाण यह होगा कि आपको व्यर्थ बातों में रूचि नहीं बचेगी ; कम होती जाएगी, – कम होती जाएगी..

_कोई आपको आकर के फ़िज़ूल कि बातें बताना शुरू भी कर देगा तो _आपको उबासी आने लगेगी,
_और आप उनकी फिजूल बातों की आंतरिक [internally ]रूप से उपेक्षा [ignore] करते रहेंगे.

सुविचार – जीवन में हमारा उद्देश्य होना चाहिए – 151

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जीवन में हमारा उद्देश्य होना चाहिए :-

​9, 8, 7, 6, 5, 4, 3, 2, 1, 0​
_9 – गिलास पानी_
_8 – घण्टे नींद_
_7 – यात्रायें परिवार के साथ_
_6 – अंकों की आय_
_5 – दिन हफ्ते में काम_
_4 – चक्का वाहन_
_3 – बेडरूम वाला फ्लैट_
_2 – अच्छे बच्चें_
_1 – जीवन साथी_
_0 – चिन्ता…?_
ये सिर्फ Message नहीं एक सीख है।
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अच्छी तरह से जीया गया जीवन वह जीवन है, जो अपने उद्देश्य को खोजता है, _और ऐसा बीज बोता है, जिससे दूसरों को भी लाभ होता है.!!
पढाई का उद्देश्य सिर्फ Job या Business करना नहीं, बल्कि एक बेहतर इंसान बनना भी होता है.!!
जब इस संसार में मन ना लगे ख़ुद के लिए भी जीवित रहा जा सकता है.. पेड़ पौधों पक्षियों के लिए जीवित रहा जा सकता है..
_ ये शरीर जो आपको मिला है उसका कोई उद्देश्य है इसे उद्देश्य में लगाइए व्यर्थ की बातों में जलकर मत गवाईये...
जीवन उद्देश्य के अभाव में लोग अक्सर भटकते हैं, जीवन में विपरीत परिस्थिति केवल उसी व्यक्ति को विचलित करती है, जिसके जीवन में कोई ऊँचा उद्देश्य नहीं होता.!!
जीवन स्वतः ही आपको उस स्थान पर ले जाएगा जिसके लिए आप वास्तव में इस संसार में आए हैं, जाने-अनजाने में आप वे सभी कर्म कर रहे हैं जो आपके जीवन का उद्देश्य है.!!
“जब तुम छोड़ देते हो पकड़ना, तब ही तुम पाते हो असल में ‘जीवन क्या है’ “

_ जब हम चाह को छोड़ देते हैं, तब अनुग्रह स्वयं आकर्षण हो जाता है.!!

सुविचार – ये अंग्रेजी वर्ण हमें सिखाते हैं – 150

ये अंग्रेजी वर्ण हमें सिखाते हैं :-

A B C….?
Avoid Boring Company​
_​मायूस संगत से दूरी​_
_D E F…?_
Dont Entertain Fools​
_​मूर्खो पर समय व्यर्थ मत करों_
_G H I…?_
Go For High Ideas​
_​ऊँचे विचार रखो​_
_J K L M…?_
Just Keep A Friend Like Me​
_*मेरे जैसा मित्र रखों*
_N O P…?_
Never Overlook The Poor n Suffering​
_​गरीब व पीड़ित को कभी अनदेखा मत करों_
_Q R S…?_
Quit Reacting To Silly Tales​_
_​मूर्खो को प्रतिक्रिया मत दो​_
_T U V…?_
Tune Urself For Ur Victory​
_​खुद की जीत सुनिश्चित करों_
_W X Y Z…?_
We Xpect You To Zoom Ahead In Life​
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सुविचार – Climate change – क्लाइमेट चेंज – जलवायु परिवर्तन – 149

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हमें ये समझना होगा कि दुनिया की बर्बादी होगी तो हम भी बिल्कुल सुरक्षित नहीं रहेंगे.!! 
बढ़ती गर्मी के मद्देनजर अब समय आ गया है कि ..हमें अपनी धार्मिक, सामाजिक, पारिवारिक और जहां तक संभव हो.. आर्थिक गतिविधियों को नियंत्रित करने, बदलने या खत्म करने की जरूरत है..!!

_ 49 डिग्री में जन्मदिन, शादी भोज तथा अन्य प्रकार के भोज करना बंद करना होगा..
_ घर में लोगों (खासकर पुरुषों ) को दोनों समय छप्पन व्यंजन खाने की आदत बदलकर पुराने समय की तरह चना चबैना, सत्तू, शर्बत पर आना होगा..
..या भट्ठी जैसे धधकते किचेन में जाकर खुद पकाने की आदत डालनी होगी..
_ आर्थिक गतिविधियों में भी जो संभव हो ..उन्हें अब रात्रि कालीन करना चाहिए..!!
_ पेड़ लगाने और पानी बचाने की बात को पोस्टर, बैनर और फेसबुक से आगे निकलकर धरातल पर उतरना होगा..
_ प्लास्टिक और डिस्पोजेबल का उपयोग बंद नहीं तो कम ज़रूर करना होगा..
_ गर्मी से बचने,लड़ने के लिए नए ढंग से सोचने,करने की जरूरत है..
_पुराने ढंग में तो इंसान जिंदा ही नहीं बचेगा..
_ अगर शारीरिक रूप से जिंदा बचा भी तो मानसिक रूप से वह असंतुलित होकर जिएगा..
_ अनिद्रा, थकान सब उसे चिड़चिड़ा बना रहे हैं ..!!
_ जरूरी नहीं कि मेरी बात से आप सहमत हों..!!
_ क्योंकि प्रथाओं, परंपराओं, जीवनशैली, आर्थिक/सामाजिक गतिविधियों को बदलना आसान नहीं होता..
_ ..पर जब सरवाइव करने की लडाई हो तो ..बदलाव अपने आप आ जाते हैं..!!
– Mamta Singh

Quotes by जयशंकर प्रसाद

मौज बहार की एक घडी एक लम्बे एवं दुःखपूर्ण जीवन से अच्छी है. उस की खुमारी में रूखे दिन काटे जा सकते हैं.
कष्ट ह्रदय की कसौटी है.

सुविचार – दर्द – पीड़ा – वेदना – 148

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आप 2 लोगों से पूछते हैं कि क्या उन्हें दर्द पसंद है और आपको 2 अलग-अलग जवाब मिलते हैं… सच में ?!?!

_ हाँ “दर्द किसे पसंद है ?” आप पूछ सकते हैं ?
_ हममें से ज्यादातर लोग दर्द से नफरत करते हैं.
_ और यह बहुत स्पष्ट है कि क्यों: – यह हमारे मन की शांति और हमारे आनंद को छीन लेता है.
_ इसलिए जब आप टेबल पर अपनी छोटी उंगली 🤞 मारते हैं और दर्द होता है 🤣 तो आपको निश्चित रूप से यह पसंद नहीं है.
_ दर्द को देखने का यह तरीका हम सभी पहले से ही जानते हैं.
_ “तो आप दर्द से अलग तरीके से कैसे निपट सकते हैं ?”
_ जब आप GYM में ट्रेनिंग के लिए जाते हैं तो आप पूरे शरीर की मांसपेशियों में दर्द के साथ बाहर निकलते हैं.
_ लेकिन इस बार – आप इसे पसंद करते हैं, क्यों ?
_ क्योंकि आप सोचते हैं कि यह दर्द आपके शरीर को मजबूत बनाने में मदद करता है 💪
_ आपको समझ आया ?
_ अगर आपके दिमाग में दर्द आपको मानसिक और भावनात्मक विकास की ओर ले जाता है, तो बिल्कुल जिम की तरह – आप महसूस करेंगे कि दर्द आपको बढ़ने में मदद कर रहा है.!!
ज़िंदगी में हमारे पास दो ही रास्ते होते हैं..

_ या तो हम ज़ख्म पर ध्यान देकर दर्द झेलते रहें,
या तो सबक़ पर ध्यान देकर ज़िंदगी में आगे बढ़ते जाएं.!!
कुछ बातें ऐसी होती हैं.. जिनका जिक्र किसी से नहीं होता,

_ कुछ दर्द ऐसे होते हैं.. जिनका कोई मरहम नहीं होता
_ कुछ गलतियां ऐसी होती हैं.. जिनका कोई पश्चताप नहीं होता
_ कुछ वक्त ऐसा होता है.. जो काटे नहीं कटता,
_ इन्हीं कुछ का मिला-जुला स्वरूप होती है हमारी जिंदगियां…!
“वो दर्द जो मेरे अपने नहीं, फिर भी मुझे छेड़ जाते हैं”

_कुछ दर्द हम कमाते नहीं, बल्कि औरों से ले आते हैं ताकि उनका बोझ हल्का हो सके”
हर पीड़ा का एक उद्देश्य होता है..

_ कभी सबक देना, कभी सब्र सिखाना, और कभी खुद से मिलवाना.!!
हर कोई सलाह देता है, पर असली समझ तब आती है जब दर्द अपने
दरवाज़े पर दस्तक देता है.!!
जिनके लिए हम दर्द बन जाएं या जो हमारे लिए दर्द बन जाए,,

_ उनके लिए खुद की जिंदगी को कष्टदायी क्यों बनाया जाए,,
_ क्यों न छोटी छोटी बातों से खुश होकर दर्द को ही जलाया जाए.!!
उस वक्त वाक़ई बहुत दर्द होता है, जब लोग आपकी बड़े से बड़ी कोशिश को नज़रअंदाज़ करके..

_ आपकी छोटी से छोटी गलती के लिए आप पर उंगली उठाते हैं.!!
आप अपने दुःख- दर्द – तकलीफें मत बताओ, ये तो सबके साथ हैं ;

_ आपने इससे अलग और क्या हासिल किया, वो बताओ.!!
कुछ उदासियाँ और दर्द,  किसी के साथ… बाँटें नही जा सकते…

_ उन्हें खुद के अंदर ही… रखने में सुकून मिलता है..!!
दर्द महसूस करें, लेकिन वहीं न रुकें – रोइए, चिल्लाइए, सब कुछ लिख डालिए—
_ जो भी आपको दर्द को स्वीकार करने में मदद करे, लेकिन इसे अपने ऊपर हावी न होने दें.
खामोशियाँ कर दें बयान तो अलग बात है,
_कुछ दर्द हैं,, जो लफ़्ज़ों में उतारे नहीं जाते.!!
“हम दर्द में भी सामान्य दिखने की कोशिश करते हैं, टूटते हुए भी मुस्कुराते रहते हैं,

_ सिर्फ इसलिए कि लोग “अच्छा दिखने” को “ठीक होने” से ज़्यादा महत्व देते हैं.”
वक़्त दर्द को कम कर देता है, लेकिन जिन लोगों ने जानबूझकर वो दर्द दिया हो, उन्हें भूलना आसान नहीं होता.!!
कुछ दर्द साझा करने के लिए नहीं होते, – वे तो बस, हमें गहरा बनाते हैं.
कोई इंसान आपको तब तक दर्द पहुँचा सकता है,
_ जब तक आप समझ नहीं जाते कि वो इंसान आपके लिए बना ही नहीं है.
आपके दर्द को सुनने वाला हर शख़्स आपका अपना नहीं होता है,
_ कुछ लोग तो आपको बस इसलिए सुनते है ताकि वो दूसरों में आपकी बातें उछाल सकें.!!
अचानक लगी चोट कभी मौका नहीं देती कि ठहरकर सोच सकें या उसके दर्द को शब्दों में बयां कर सकें,

_ वो तो सीधे दिल और जिस्म पर एक साथ वार कर जाती है.!!
अक्सर चीज़ें हमारी मर्ज़ी के मुताबिक़ नहीं होतीं..

_ और आँखों के सामने बिखरती उम्मीदों की किरचन..
_ अक्सर अकेले में हमारी आँखों और दिल में चुभती हैं.
_ किसी को कैसे कहोगे कि वो उसे महसूस करके देखे,
_ क्योंकि उस दर्द का अंदाज़ा कोई कैसे लगा सकता है.!!
जब दर्द अपना नहीं होता, तो सिर्फ शब्द बनकर रह जाता है, ना वो चीख सुनाई देती है, ना वो खालीपन महसूस होता है, बस कहानी बनकर बीत जाता है.!!
अपने घाव भरने के लिए आपको उन चीज़ों और उन लोगों से दूर होना ही पड़ेगा.. जो आपको दर्द देते हैं.!!
जब दर्द बहुत होता है, तो इंसान को सबसे ज़्यादा साथ का एहसास चाहिए होता है – सलाह नहीं.!!
दर्द को ज़ाहिर करने के लिए हर बार आंसुओं की ज़रूरत नहीं होती,

_ कभी-कभी मुस्कुराहट भी बहुत कुछ कह जाती है.!!
किन लफ़्ज़ों में बयान करूँ मैं अपने दर्द को,
_ सुनने वाले तो बहुत हैं.. मगर समझने वाला कोई नहीं.!!
“दर्द की लिपि [Script] किसी भी भाषा से अनुवाद की जाए वह एक सी ही होती है.”
दर्द भुलाया जा सकता है, मगर जान बूझकर तकलीफ़ देने वालों को नहीं.!!
किसी के दर्द को महसूस करना हो तो थोड़ी देर के लिए उसके किरदार में उतर कर देख लो..!!
अब तो ग़म में भी कॉम्पटीशन है.. आपका दर्द सुनने से पहले सामने वाला अपना दर्द सुना देता है.!!
हम अक्सर अपने दर्द से भागना चाहते हैं, उसे भूलना चाहते हैं,

_ पर जितना भागते हैं, वो उतना ही भीतर उतरता जाता है.
_ और फिर एक दिन समझ आता है कि दर्द को मिटाया नहीं जा सकता, केवल स्वीकार किया जा सकता है.
_ उसी स्वीकार में एक अजीब-सी शांति मिलती है, जैसे तूफ़ान के बीच कोई ठंडी सांस उतर आए.!!
अपनी उलझन किसी से इसलिए भी नहीं कही जाती कि लोग समझाने चले आते हैं.

_ और इंसान हर वक़्त समझने, ज्ञान लेने के लिए तैयार नहीं होता है.
_ कभी कभी प्यार से सुन लिया जाता है, समझ लिया जाता है, किसी की तकलीफ़ को मेहसूस किया जाता है,
_ उसके सामने सही गलत, अच्छा, बुरा लेके नहीं बैठा जाता है..
_ और हमारे आसपास के लोगों को इतनी समझ भी नहीं शायद या वो इतने हस्सास नहीं हैं.
_ दर्द में ख़ामोशी से किसी अपने को थाम लिया जाता है..
_ क्योंकि वो आपसे बस थोड़ी सी मोहब्बत अपनेपन की दरकार से आए होंगे.!!
– Nida Rahman
इस दुनिया में कभी-कभी कुछ ऐसे भयानक मोड़ आते हैं, जहाँ इंसान अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि हालातों के थपेड़ों और अपनों के दिए गए असीम दबाव से मजबूर हो जाता है.

_ हम अक्सर उन लोगों को गलत ठहरा देते हैं जो जिंदगी से हार मानकर कोई चरम कदम उठा लेते हैं, पर हम यह कभी नहीं देख पाते कि उस कदम के पीछे उनकी कोई इच्छा नहीं होती.
_ उन्हें ऐसा करने के लिए धकेला जाता है मानसिक प्रताड़ना, उपेक्षा और उस घुटन के द्वारा, जहाँ चारों तरफ से रास्ते बंद कर दिए जाते हैं.
_ जब किसी का दम इस हद तक घुटने लगे कि उसे हवा का एक झोंका तक नसीब न हो, तब वह उस दर्द से मुक्त होना चाहता है.
_ यह किसी की कमज़ोरी नहीं, बल्कि उस लाचारी की इंतहा है जिसमें समाज और परिस्थितियां मिलकर उसे अकेला छोड़ देती हैं…✍️
– Tanveer
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