लगातार पच्चीस साल से अगर कोई अपनी परेशानियां बता रहा है, दुखड़े रो रहा है तो समझाए कि समाधान ढूंढे.
_ जितना हो सके तो आप उनकी मदद कर दें.
_ इसके बाद भी अगर परेशानी बनी हुई है, और आपको सुना सुना कर आपके दिमाग को लगातार निगेटिव खुराक दिया जा रहा है तो नमस्ते कर लीजिए.. नहीं तो बीमार पड़ जायेंगे.
_ क्यों कि जीवन में और भी लोग हैं उनकी परेशानियां भी सुननी है और कोशिश करनी है, उनकी जिंदगी भी पटरी पर आ जाए.
_ एक दो लोगों की लाइफ में पच्चीस साल में नहीं कुछ हो पाया तो अब उम्र निकल रही है, उनकी भी और आपकी भी निकल रही है।
_ मुझे तो लगता है ऐसे लोग परेशान कम होते हैं, अपनी परेशानी को एक माला बना लिए हैं और लगातार जप रहें हैं.
_ तो एक डाक्टर की तरह सोचिए, परेशानियां सुनिए, जितना हो सलाह सुझाव दीजिए और भूल जाइए.
_ लगातार सुनते सुनते मोह जाल में मत फंसिए, नहीं तो फालतू का टेंशन होगा और बीपी बढ़ेगा..- अपना काम प्रभावित होगा.
_ सुनिए सबकी लेकिन डाक्टर की तरह.
_ कभी कभी समय निकालिए मस्ती के लिए भी..
– Shalini Shrinet