मस्त विचार 4254

कल वो चालाक था, इसलिए दुनिया को बदलना चाहता था ;

आज वो बुद्धिमान है, इसलिए अपने आप को बदल रहा है.

चिड़िया को उतना चालाक होना ही पड़ता है,

_ जितना जंगल बचाये रखने और ज़िंदा रहने के लिये जरूरी है.!!

जहाँ लोग चालाकी को काबिलियत समझ लें, वहाँ एक साफ़ दिल इंसान का चुपचाप भीड़ से निकल जाना ही उसकी सबसे बड़ी जीत है.!!
चालाकियों से किसी को कुछ देर तक मोहित किया जा सकता है,

_ पर जहाँ दिल जीतने की बात आती है तो सरल और सहज होना जरुरी है,
_ नही तो मन में उतरने और मन से उतरने में ज्यादा वक्त नही लगता है..!!
चालाक इंसान कितनी भी चालाकी दिखा ले.. हमेशा मुंह की खाता है,

_ क्योंकि रंग बदलने वाले को रंग बदलने वाले ही रास आते हैं..
_ और बाद में होता ये है अपनी ही चाल में ठगा जाता है.
_ इसीलिए रिश्तों में चालाकी मत दिखाओ..
_ अगर दिखाओगे… आजीवन किसी सही इंसान के साथ टिक ही नहीं पाओगे..!!
**चालाकी करी तो नहीं.. चालाकी झेलने की ताकत भी नहीं रही.!!

— कभी-कभी इंसान के भीतर इतनी सच्चाई और सरलता होती है कि वह चालाकी करना तो दूर, उसे सहन करने की शक्ति भी खो देता है.
_ यह कमजोरी नहीं, बल्कि आत्मा की थकान है—जहाँ दिल अब बस पारदर्शिता और सच्चाई चाहता है.
_ यह एहसास याद दिलाता है कि हमें अपनी जगह वहीं तलाशनी चाहिए, जहाँ चालाकी नहीं, बल्कि सच्चे मन का साथ हो.!!

मस्त विचार 4253

हम जिसकी इज्जत करते हैं, वो हमें मजबूर समझते हैं.!!

_ हम जिससे बहुत प्यार करते हैं, वो हमें बेवकूफ समझते हैं..!!!

मजबूरियां तोड़ देती है गुरुर आदमी का..!!

सुविचार 4378

अधिकतर लोग अच्छे होते हैं ….लेकिन सच्चे नहीं !!!

_ सच्चा बनना सरल है, बने रहना कठिन.!!

हर बात पर सफाई देने की ज़रूरत नहीं, बस सही रहो, सच्चे रहो,

_ बाकी ऊपर वाला सब संभाल लेता है.!!

सुविचार 4377

दुःखी रहना है तो ये सोचो कौन है कहां है – क्यों और कब है, और

आनंदित रहना है तो ये सोचो ” रब है तो सब है “

सुविचार 4376

मुकाबला ऐसे करो कि आप हार भी जाओ, तो

दूसरे की जीत से ज्यादा आपकी हार के चर्चे हों..

सुविचार 4375

आधुनिकता के इस युग मे इंसान के स्वयं के विचार समाप्त होते जा रहे हैं,

_ यहां तक कि दो लोगो के बीच होने वाली वार्ता भी किसी ना किसी वीडियो से या कहीं से पढ़कर प्राप्त की हुई जानकारी ही होती है,
_ आधुनिकता ने इस दुनिया को कितना नीरस बना दिया.!!
जानकारी कभी सिर्फ दिमाग नहीं संभालती..
_ कभी-कभी मन को भी शांत कर देती है.!!
हम वो लोग बन गए हैं जो खुद को नकार कर आगे बढ़ जाते हैं,

_ ऐसा लगता है कि हम ठहर गए हैं और सड़ रहे हैं आहिस्ता-आहिस्ता रुके पानी की तरह.!

Collection of Thought 1035

“Bee’s don’t waste their time explaining to flies that honey is better than shit”.

” मधुमक्खी मक्खियों को यह समझाने में अपना समय बर्बाद नहीं करती हैं कि शहद गंदगी से बेहतर है “

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