सुविचार 4463
यह मानव स्वभाव है कई बार हम खूबसूरत और बेशकीमती चीजों से स्वतः ही ईर्ष्या भाव पाल लेते हैं … यह एक तरह का निर्दोष मिथ्यावाद है.
ये दुनिया सारी उम्र छीन लेगी..
जिस अंदाज में लोग जीने के लिए तरसते हैं..
_ समझो उसने अच्छे, “और” बुरे को पहचान लिया !
जब आप खुश होते हैं तो आप संगीत का आनंद लेते हैं, जब आप दुखी होते हैं तो आप गीत के बोल समझते हैं.
फिर वही लोग हमारे जीने कि वजह बन जाते हैं.