मस्त विचार 4093
अपनों का व्यवहार किसी अपरिचित सा जान पड़ता है ;
खैर अब मुझे अभ्यास हो चुका कि अपनों को अपना ना समझने में ही भलाई है..
खैर अब मुझे अभ्यास हो चुका कि अपनों को अपना ना समझने में ही भलाई है..
धोखा भी धोखे से दिया उसने !!
जीवन इतना आसान हो जाता है जब आप खुद को लोगों को समझाना बंद कर देते हैं और वही करते हैं जो आपके लिए काम करता है.
_वे छोटे लोगों का हाथ पकड़ने की बजाय ..बड़े लोगों के पैर पकड़ना पसंद करते हैं.
_ जमीन पर ही रहना समझदारी है..!!
खोज तो खुद की है खुदा तो बहाना है.
_पर वो याद वही रखेगा ..जो आप कर नहीं पाये..!!
क्योंकि बल लड़ना सिखाता है और बुद्धि जीतना..
_ ग़ैरों के मुक़ाबले अपनों से ही मिलता है.!!