सुविचार 4359
कोई हमारी गलतियां निकालता है, तो हमें खुश होना चाहिए, क्योंकि कोई तो है, जो हमें पूर्ण दोष रहित बनाने के लिए, अपना दिमाग और समय दे रहा है..
संसार की यह रीति है कि दोष कोई करता है और भुगतना किसी और को पड़ता है.
_ जैसे वो जी कर किसी पर एहसान कर रहे हों, “
लोग समझने लगे मुझे तकलीफ नहीं होती..
जब हम अपना दर्द किसी को बता नहीं पाते ..
डूबा हुआ सूरज भी तो सुबह निकलता है..
आ भी जाये तो, फिर ठहरती नहीं “
एक नकारात्मक दिमाग आपको कभी भी सकारात्मक जीवन नहीं देगा.