सुविचार 4184
तब हम अपने लछयों की प्राप्ति के लिए दिशा निर्धारित कर लेते हैं.
तब हम अपने लछयों की प्राप्ति के लिए दिशा निर्धारित कर लेते हैं.
_जीवन के हर कदम पर प्रगति का अहसास होगा.
_ पांच मिनट की बात की खातिर, चौबीस घंटे इंतजार किया..
_ कोई जिसने कभी मेरी परवाह नहीं की ?
_ कोई ऐसा जिसके लिए मैं कभी था ही नहीं..!!
_ शब्द गौण हैं, विचार मुख्य हैं और उनका असर दूर तक होता है.
_व्यक्ति के व्यक्तित्व को बदल देता है..!!
I’m impressed by the way someone treats other human being.
मैं पैसे, सामाजिक स्थिति या नौकरी के शीर्षक से प्रभावित नहीं हूं.
जिस तरह से कोई दूसरे इंसान के साथ व्यवहार करता है, उससे मैं प्रभावित हूं..
_ खुद ऐसे रास्ते चुनो कि लोग आपके पीछे चले.
_ वापस आती ना ही जिंदगी में आये लोग..
_ तभी हम उसका आनन्द मना पायेंगे.
_ गम इस बात का है कि मैंने उसे बेहिसाब सफाई दी.