Collection of Thought 990
अपनी योजना के अनुसार अपना जीवन जिएं, न कि उस अनुसार जो दूसरे आपसे चाहते हैं..
अपनी योजना के अनुसार अपना जीवन जिएं, न कि उस अनुसार जो दूसरे आपसे चाहते हैं..
_ दूसरे लोग आपके नियंत्रण से बाहर होते हैं..
_हम हँसते हुए खाली डिब्बे की तरह बजते हैं..!!
_ यह अहसास मुझे बहुत बाद में हुआ कि थोड़ा पागल होने में कोई बुराई नहीं है,
_ कभी-कभार बेबात भी हँस लेना चाहिए.
_ (वेरी स्ट्रेंज). धीरे-धीरे हँसने की आदत पड़ जाएगी तो आपकी हँसी चाहे ऊपरी हो, लोग आपसे खुश रहेंगे.
_ मुझे गलत कहने वाले तेरी बात में दम है.
_ कभी तो सही से जानिए कि.. “क्या हुआ था”
_ कभी-कभी हम जरुरत होते हैं ज़रूरी नहीं.!!
_ कहीं मिल जाऊँ तो मुझे जरूर बता देना..!!
_ लेकिन तब उस खोए हुए को चाहकर भी नहीं खोज पाओगे..
_ लगता है अभी समय है हमारे पास, कुछ न कुछ हो ही जाएगा, खैर !…
_ बहुत सुखद होती है ये काल्पनिकता पर वास्तविकता के सामने इसको घुटने टेकने ही पड़ेंगे…
_ और परवाह करने वाला इंसान आपका ह्रदय खोल देता है.
_ क्या खूब तरसे जिंदगी में एक तेरे के लिए..