सुविचार 4211

प्रशंसा अगर हो रही हो, तो खुश होने की नहीं, सावधान रहने की जरुरत है.

मस्त विचार 4086

उम्र भर हम यूं ही गलतियां करते रहे …

_ धूल चेहरे पर थी ..और हम आईना साफ करते रहे..

आज टूट गया तो बच कर निकलते हो, कल आईना था तो रूककर देखते थे.!!
मुझे सबसे ज्यादा हंसी तब आती है जब मैं आईने को देखता हूं,

_ ये कैसी बेकार चीज है, मेरा तो कोई अस्तित्व ही नहीं है, फिर भी मैं खुद को देखता रहता हूं,
_ फिर मुझे याद आता है कि ये बेकार है लेकिन ये सच है,
_ मैं अस्तित्वहीन हूं और नकली,
_ अब मुझे एक ऐसे आईने की तलाश है जो चेहरा नहीं मुझे मेरी असलियत दिखाए…!

मस्त विचार 4085

इटों ने तों सोचा था…. मिलकर घर बनाएगें …

_क्या पता था ..रहनें कों पत्थर ही आएगें.

जो सोचा था वो हुआ नहीं, जो हो रहा है वो कभी सोचा नहीं था..!!

सुविचार 4210

दोनों ही सफर थकान भरे, लंबे और बोझिल हो जाते हैं,

_ अगर यात्रा में सामान और जिंदगी से ख्वाहिशें अधिक हों तो..

कभी-कभी ख्वाहिशें मुक्कमल होती हैं..

_मगर इतनी देर से कि उनके होने का कोई अर्थ नहीं होता…!

ज़्यादा सोच लेना भी एक तरह की थकान है, जिसे कोई देख नहीं पाता.!!

सुविचार 4209

किसी के साथ बुरा करना वो कर्ज है,

_ जो रब आपको दोगुना करके वापिस देता है.

मस्त विचार 4083

आज फिर तुमने…..किसी और की ऐनक पहनी है….

_आज फिर तुमको…. मेरे ऐब दिखाई देंगे ..!!

हम औरों के ऐब देखते हैं पर अपने क्यूँ नहीं ?

We see others’ faults but why not ours ?

सुविचार 4208

मन का विकास एक संतुलित अवस्था विकसित करने और सोचने से महसूस करने की ओर जाना है.
मन कि बात करो तो किस से ?

_ जो भी हैं वो भी उलझन में हैं,

उनके मन के आगे पेट खड़ा है..!!

सुविचार 4207

दया की बातें छोटी और बोलने में आसान हो सकती हैं,

किन्तु इनकी ध्वनि अनन्त तक गूँजती रहती है.

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