मस्त विचार – 2025 नया साल – 4272

प्रिय “2025” जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं,

_ज्यादा उत्सुक होने की जरूरत नही है,
_चुपचाप आये हो तो चुपचाप निकल भी लेना,
_ ज्यादा लफड़ाबाजी पिछले वाले कि तरह नही करना,
_ खुश रखना और खुश रहना.
नए साल का दिन भी आम दिनों की तरह गुजरा,
_ जाने क्या बात थी हर बात पे रोना आया.!!
बहुत रूठा है नया साल, जिसे देखो वही मना रहा है !!
आप साल बदलते देख रहे हो, मैंने साल भर लोगों को बदलते देखा.!!
आज बहुत से लोग बहुत से अलग-अलग निर्णय लेंगे,

_ लेकिन वो बस आज के लिए ही होंगे !!

आखिर ये साल बदलता ही क्यों हैं, जबकि सबकुछ तो वहीं ठहरा रहता है,

_ कुछ बातें, कुछ यादें वही होती हैं औऱ उन्ही को हम बार-बार जिये जाते हैं ..तो फिर क्या मायने रखता है..
_ वक़्त का बदलना, साल और महीनों का बदलना, जब इंसान का अंदरूनी भाव ही नही बदल सकता तो,
_ सबकुछ बदलकर भी कुछ न बदला तो ऐसे बदलने का क्या मतलब…!
तकरीबन ये साल भी गुजरने वाला है..

_ साल तो गुजरते ही रहते हैं.. पता भी नहीं चलता..
_ वक़्त कभी रुकता नहीं, हर शुरू हुआ साल पूरा होकर बीत ही जाता है..
_ फिर नया साल आ ही जाता है, चाहे बीता हुआ साल कितना ही यातनादायी क्यों न रहा हो..
_ न वक़्त किसी की मनाही मानता है, न किसी दर्द पर ठहरता है.
_ उसे अपनी निश्चित चाल, अपनी तय दूरी हर हाल में पूरी करनी ही होती है.!!

सुविचार – 2025 नया साल – 4397

जीवन क्षणभंगुर है ! जैसा अवसर रब ने दिया है उसे बेहतरीन तरीके से जीने की कोशिश करो !

_ आराम से सुकून से इत्मीनान से सलीके से होशो हवास में नए साल में जाएं.!!

2020 के बाद जीवन तो जैसे मानों केवल बीता है,

_ अवसाद और बढ़ती उम्र ने सब कुछ रोक दिया है,
_ जीवन में कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा, सब कुछ रुक सा गया है,
_ अब तो ये भी नहीं पता कि कहाँ गुम हूँ,
_ जीवन एक काली कोठरी में बंद हो चुका है,
_ यहां से निकलना बेहद मुश्किल है,
_ मैं अब गर्त के आस-पास हूँ,
_ मेरा कुछ नहीं हो सकता !!

मस्त विचार 4271

ज़िन्दगी का एक वर्ष कुछ यूँ गुज़र गया,

_ कुछ लोग बदल गए.. तो कोई हमें बदल गया..!!

बड़ा रंगीन रहा ये साल..!

_ हर किसी ने अपना अपना रंग दिखाया..!!

कुछ खुशियाँ कुछ आँसू दे कर चला गया !

_ जीवन का इक और सुनहरा साल चला गया !!

यादगार सफर रहा साल का भी,

_ चला भी नहीं और चला भी गया !!

गुजरता हुआ साल बहुत कुछ सिखा गया..!

_ अपने और गैरों में भेद समझा गया..!

पूरे साल की उम्मीदें लाद दी जाती है जनवरी पर,

_ और सारे हादसों का इल्ज़ाम अकेला दिसंबर ढ़ोता है !!

तय कर लेने से जीवन नहीं चलता है,

_ जीवन तो अपने ही ढंग से चलता है.

सुविचार 4396

पुराने बहुत सारे सालों की तरह आने वाले सालों में भी आप सब का जीवन खुशनुमा रहे..!!
अगर आपने अब भी अपनी आदतें नहीं बदलीं तो आने वाला साल आपके लिए नया साल नहीं बल्कि एक और साल होगा.!!

मस्त विचार 4270

यदि आपने वास्तव में खुद से प्यार करना सीख लिया है,

तो ये संभव ही नहीं कि आपको ये दुनिया प्यारी न लगे.

सुविचार 4395

निर्णय लेते समय ना ज़्यादा खुश हों, ना ज़्यादा दुखी हों,

_ दोनों परिस्थितियां आपको सही निर्णय लेने नहीं देती.

हर कोई निर्णय लेने वाला बन रहा है..

_ लेकिन अपने जीवन में, वे सही निर्णय लेना भूल गए हैं.!!

हमारे निर्णयों पर अक्सर हमारी कमियाँ हावी हो जाती हैं, और जब हम असफल होकर तन्हा खड़े होते हैं, तो अंतर्मन में उतरकर खुद से सवाल करने के बजाय हम इल्ज़ामों की तलाश में भटकते रहते हैं.. ये सब मैं समझता हूँ, जानता भी हूँ फिर भी अजीब है कि इतना ज्ञान खुद के लिए कभी उतना मददगार नहीं बन पाता, जितना दूसरों को समझाने में बन जाता है.!!

सुविचार 4394

हमको कितने लोग पहचानते हैं उसका महत्व नहीं है,

_ मगर क्यों पहचानते हैं इसका महत्व है.

हम ऐसे लोगों के बीच रह रहे हैं, जो दूसरों की पहचान पर हंसते हैं.

_ क्योंकि वे अपनी पहचान से डरते हैं.!

पहचान से मिला काम थोड़ी देर चमकता है, लेकिन जब पहचान काम से बनती है
तो वो हमेशा साथ चलती है.!!

Protected: Mahafil

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