सुविचार 4302
लेकिन स्वयं की मनोदशा पर चूक जाते हैं.!!
_ हमारे आस-पास बहुत कुछ ऐसा घटित हो रहा है.. जिसे हम कभी जान ही नहीं पाते !
_ जो सबसे कह रहे हैं कि हम ठीक हैं..!!
निर्बल व खाली मन कभी भी समर्थ संकल्प उत्पन्न नहीं कर सकता !! संकल्पवान बनें, विचारो में स्थिरता और दृढ़ता पैदा करें, मन को अभ्यास द्वारा नियंत्रित करें, अच्छे विचार रखें, इससे आपकी आत्मिक शक्ति का विकास होगा ! याद रखें मन के हारे हार है मन के जीते जीत !!!
_ किसी संकल्प पर टिके रहने के लिए प्रयास करना पड़ता है, जो इस बात पर निर्भर करता है कि आपने उस संकल्प के लिए खुद को कितना तैयार किया है.
कभी भी किसी को अपने जीवन में अपने लिए जगह बनाने के लिए मजबूर न करें, क्योंकि अगर वे आपकी कीमत जानते हैं, तो वे निश्चित रूप से आपके लिए एक जगह बनाएंगे.
कल जो जिएंगे, वो उम्मीद होगी…!!
_ न हवाओ ने बख्शा, न टहनियों ने पनाह दी..
_ वरना पेड़ को संभालने में कोई दिक्कत नहीं थी.!!
_ कौन जानता है, खैर !!…
फिर भी फ़ासला कई पन्नों का था..