सुविचार 4869
जीवन एक प्रयोगशाला है, जिसमें सुख दुःख के मिश्रण से अनुभवों की खोज होती है.
तबाह करने का हौसला भी रखता हूं..
यदि यह जीवन है, तो इस पल की सार्थकता जीवन की सार्थकता है.
एक एक कर्म, एक फिल्म…. की तरह अपनी निगाहों ….के सामने झलकेगा …..
कोशिश करें कि ….अपनी फिल्म सबके देखने लायक हो …
मैंने कहा – यही तो खराबी है…
दयालुता आपको दुनिया का सबसे खूबसूरत इंसान बनाती है, चाहे आप कुछ भी दिखें..
वो उतना ही बेपरवाह होकर मिलेगा.
मगर आत्मविश्वासी व सकारात्मक लोग ही डूबती नाव को बचा पाते हैं.