सुविचार 4814
अहंकार महा अंधकार में ले जाता है, इसलिए बहुत मजे की घटना इस जगत में घटती है कि ज्ञानी अपने को कहने लगते हैं कि हम अज्ञानी हैं, नहीं जानते. और अज्ञानी दावे करते चले जाते हैं कि हम जानते हैं, हम ज्ञानी हैं.
अहंकार महा अंधकार में ले जाता है, इसलिए बहुत मजे की घटना इस जगत में घटती है कि ज्ञानी अपने को कहने लगते हैं कि हम अज्ञानी हैं, नहीं जानते. और अज्ञानी दावे करते चले जाते हैं कि हम जानते हैं, हम ज्ञानी हैं.
जिससे जिंदगी का कोई भी अंधेरा रोशन किया जा सकता है..
सिर्फ़ पाँववालों की दौड़ शेष हो जाती है..
जीतने का मतलब हमेशा पहले होना नहीं होता है, _ जीतने का मतलब है कि आप पहले से बेहतर कर रहे हैं.
_ पँखों को खोल.. जमाना सिर्फ उड़ान देखता है.!!
*तो ये उसकी मजबूरी नही,* *आपसे लगाव और विश्वास है.*
देख तुझ पर ना कहीं… वक्त बुरा आ जाये.
_ और आखरी दम तक लड़ने वाले के लिए रास्ते खत्म नहीं होते..
_ फूल बन कर मुस्कुराना जिन्दगी है.
_ जीत कर मुस्कुराये तो क्या बात है.
_ हार कर भी मुस्कुराना जिन्दगी है.!!