मस्त विचार 4094
कुछ कश और लगा ले…. ऐ – जिन्दगी,
बुझ जाऊंगा किसी रोज़… मैं सुलगते सुलगते !!
बुझ जाऊंगा किसी रोज़… मैं सुलगते सुलगते !!
खैर अब मुझे अभ्यास हो चुका कि अपनों को अपना ना समझने में ही भलाई है..
धोखा भी धोखे से दिया उसने !!
जीवन इतना आसान हो जाता है जब आप खुद को लोगों को समझाना बंद कर देते हैं और वही करते हैं जो आपके लिए काम करता है.
_वे छोटे लोगों का हाथ पकड़ने की बजाय ..बड़े लोगों के पैर पकड़ना पसंद करते हैं.
_ जमीन पर ही रहना समझदारी है..!!
खोज तो खुद की है खुदा तो बहाना है.
_पर वो याद वही रखेगा ..जो आप कर नहीं पाये..!!