मस्त विचार 3917
तेरी जरासी बेरुखी ने हमें जी भर के रुला दिया..!!
तेरी जरासी बेरुखी ने हमें जी भर के रुला दिया..!!
*ना जाने कितने सवालों की,* *आबरू तो रखती है…*
_ क्योंकि बिना गलती के भी बहुत कुछ सुना है मैंने..!!
*सावधान, तब तब कोई,* *पंख काटने जरूर आयेगा…*
जिन्होंने अपने “हुनर” से “चाबी” बनाई होती हैं…..।।
_जो गहराई में जाकर _ सही मायने में सोचने-समझने का हुनर रखते हैँ…!!
_ क्योंकि ज़्यादातर लोग ऊपरी सतह पर ही जीते हैं.!!
_अपने अंदर कोई हुनर लाएं और वो हुनर हमेशा साथ देगा !!
_ लेकिन हार न मानने का हुनर आपको उनसे अलग बनाता है !!
_ न वहां मुझसे रुका जाता..
Stay special in your own little ways.
हो सकता है कि आप कई चीजों में परिपूर्ण न हों, लेकिन आपके बिना कई चीजें परिपूर्ण नहीं हो सकतीं,_ अपने छोटे-छोटे तरीकों में खास रहें..
_ बस खामोश रह कर देख तुझे समझता कौन है.
….इसलिए धागे को लपेटकर और जुबान को समेटकर ही रखना चाहिए.
_ करने दो जो बकवास करते हैं, खाली बर्तन ही आवाज़ करते हैं.
_ पढ़ा-लिखा इंसान ज्यादा तू-तू मैं-मैं नहीं करता.!!