मस्त विचार 3917

भीगी नहीं थी कभी मेरी आँखें वक्त की मार से,

तेरी जरासी बेरुखी ने हमें जी भर के रुला दिया..!!

सुविचार 4042

*हज़ार जवाबों से,* *अच्छी है ख़ामोशी साहेब..*

*ना जाने कितने सवालों की,* *आबरू तो रखती है…*

नए सफर में ख़ामोशी को चुना है मैंने ;

_ क्योंकि बिना गलती के भी बहुत कुछ सुना है मैंने..!!

सुविचार 4041

*जब जब तुम्हारा हौसला,* *आसमान में जायेगा..*

*सावधान, तब तब कोई,* *पंख काटने जरूर आयेगा…*

मस्त विचार 3916

बंद “तकदीर” के “तालें” वहीं लोग खोलते हैं ,

जिन्होंने अपने “हुनर” से “चाबी” बनाई होती हैं…..।।

अफ़सोस कि _बहुत कम लोग होते हैँ..

_जो गहराई में जाकर _ सही मायने में सोचने-समझने का हुनर रखते हैँ…!!

बहुत कम लोग ही जीवन की गहराई देख पाते हैं,

_ क्योंकि ज़्यादातर लोग ऊपरी सतह पर ही जीते हैं.!!

ठाले से बेगार भली, ये बेगार कभी बेकार नहीं जाती..

_अपने अंदर कोई हुनर लाएं और वो हुनर हमेशा साथ देगा !!

हो सकता है कि आप में दूसरों से कम हुनर हो,

_ लेकिन हार न मानने का हुनर आपको उनसे अलग बनाता है !!

Collection of Thought 969

You may not be perfect in many things, But many things cannot be perfect without you.

Stay special in your own little ways.

हो सकता है कि आप कई चीजों में परिपूर्ण न हों, लेकिन आपके बिना कई चीजें परिपूर्ण नहीं हो सकतीं,_ अपने छोटे-छोटे तरीकों में खास रहें..

सुविचार 4040

शब्द यात्रा करते हैं… _ इसलिए पीठ पीछे भी, किसी की निंदा न करें !!
कुछ लोगों की आदत होती है ये कहने कि- “अरे पता भी है कि तुम्हारे पीठ पीछे लोग तुम्हारे बारे में क्या क्या बोलते हैं ?”

_ ऐसे लोगों को एक ही जवाब दीजिए – “वही बोलते होंगे जो वो तुम्हारे पीठ पीछे तुम्हारे लिए बोलते हैं”

मस्त विचार 3913

लंबा धागा और लंबी जुबान केवल समस्याएं ही पैदा करती है…..

….इसलिए धागे को लपेटकर और जुबान को समेटकर ही रखना चाहिए.

” जुबान ” सबकी होती है, कोई बात करता है कोई बकवास.

_ करने दो जो बकवास करते हैं, खाली बर्तन ही आवाज़ करते हैं.

जिसका दिमाग ज्यादा नहीं चलेगा, उसकी जुबान बहुत चलती मिलेगी ;

_ पढ़ा-लिखा इंसान ज्यादा तू-तू मैं-मैं नहीं करता.!!

जिनकी जुबान तीखी होती है, वे अपना गला खुद ही काट लेते हैं.!!
error: Content is protected