सुविचार 4264
*नसीहत* वह सच्चाई है, जिसे हम कभी ग़ौर से नहीं सुनते…
और *तारीफ* वह धोखा है, जिसे हम ध्यान से सुनते हैं !
और *तारीफ* वह धोखा है, जिसे हम ध्यान से सुनते हैं !
कमज़ोर कभी माफ नहीं कर सकते, _ क्षमा ताकतवर की विशेषता है.
आज तेरी कमी ने रुला दिया मुझे !!!
_ जिसे लोग धुंदली होने पर घर से बाहर फैंक देते हैं !!
लेकिन ‘जीवन’ का सारा संघर्ष सिर्फ ‘जीवित रहने’ के लिए है…
हम कुछ ‘सपने’ जरूर बुनते हैं,
लेकिन ‘तकदीर’ में तो कुछ और लिखा होता है…
खुदगर्ज जब हुए, तो फिर सीरत बदल गई..!!
_ मतलबी दुनिया से ये गली अच्छी है.