सुविचार 4233

माहौल से ज्यादा व्यक्ति के भीतर ही बदलाव की जरुरत होती है.
हम हमेशा वह नहीं बदल सकते जो हमारे आसपास हो रहा है, लेकिन हम वह बदल सकते हैं जो हमारे भीतर होता है.

We can’t always change what’s happening around us, but we can change what happens within us.

हम जिस माहौल में रहते हैं, वह केवल हमें प्रभावित नहीं करता, बल्कि धीरे-धीरे हमें गढ़ता भी है.

_ “हम जिस वातावरण को रोज़ चुनते हैं, वही धीरे-धीरे हमारा स्वभाव बन जाता है”
_ जैसा माहौल और वातावरण हम अपने बाहर और अंदर खुद को देने लगते हैं..
_ वैसा ही असर हमारे शरीर और मन पर पड़ता है और एक्शन के रूप में प्रकट होने भी लगता है.!!

सुविचार 4232

चुनौतियों का स्वीकार करो, क्यूंकि इससे या तो सफलता मिलेगी या शिक्षा_

मस्त विचार 4106

हमारे जज़्बातों को कुछ इस तरह घिसा उसने,

प्यार भरी बातें करके फिर हमें दोस्त कहा उसने..

सुविचार 4230

परिवर्तन के बीच व्यवस्था और व्यवस्था के बीच परिवर्तन को बनाये रखना ही प्रगति की कला है.
यदि आप आज अपना सर्वश्रेष्ठ नहीं देंगे तो ..आपका कल बेहतर नहीं हो सकता !!

सुविचार 4229

‘ जो पुरुषार्थ नहीं करते ‘ उन्हें धन, मित्र, ऐश्वर्य, सुख, स्वास्थ्य, शांति और संतोष प्राप्त नहीं होते.
पुरुषार्थी लोग दूसरों की संपत्ति की परवाह नहीं करते, अपने बाहुबल का भरोसा रखते हैं.

मस्त विचार 4104

जिंदगी काँटों का सफर है, हौसला इसकी पहचान है,

रास्ते पर तो सभी चलते हैं, जो रास्ते बनाए वही इंसान है … !!

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