सुविचार 3945

विचारों की लीडरशिप के माध्यम से कोई भी योजना तैयार की जा सकती है.

हम जो भी योजना बनाते हैं, हम कभी नहीं जान पाते कि जीवन ने हमारे लिए क्या योजना बनाई है.!!

लोग क्या कहेंगे – 2013

जिंदगी जीने के लिए कुछ बातें हमेशा याद रखिए…

1 :- आप कभी इस बात की ना चिंता करिए ना ही ध्यान दीजिए कि आप के पीठ पीछे लोग आपके बारे में क्या बात करते हैं, पीठ पीछे आपके बारे में बात करने का मतलब यह है कि आप बहुत तरक्की कर रहे हैं और यह लोग आपसे जलते हैं और इनकी इतनी हिम्मत नहीं है कि आपके सामने बात कर सकें, इसलिए ये आपके पीछे – पीछे बात कर रहे हैं.

2 :- अपने मन में से ” लोग क्या कहेंगे ” यह ख्याल निकाल दीजिए, इस भागमभाग की दुनिया में किसी के पास इतनी फुर्सत नहीं है और यदि कोई कुछ कहता है तो कहने दीजिए. आप हमेशा अपनी परिस्थिति, अपनी आर्थिक स्थिति इत्यादि के अनुसार चलिए और अपनी परिस्थितियों के अनुसार ही निर्णय लीजिए. ” लोग क्या कहेंगे ” – यह दो वाक्य हमें बर्बाद कर देता है.

3 :-  जब आप संघर्ष करते हैं, कई ऐसे मौके आएंगे कि आप हारता हुआ महसूस करेंगे, लेकिन याद रखिए, संघर्ष के समय छोटी मोटी या बड़ी असफलताओं से कभी निराश मत होइए आप लगे रहिए, आपको सफलता जरूर मिलेगी.

यह दुनिया काफी सुन्दर हो सकती है, यदि लोग एक दूसरे के कामों में बाधा न दें. हर व्यक्ति अपने जीवन का मालिक है और उसे अपने जीवन को अपने ढंग से जीना चाहिए. अपने भीतर के बोध से जो उसे ठीक लगे वही करना चाहिए. लेकिन व्यक्ति यह सोच कर करता है कि ” लोग क्या कहेंगे “.

व्यक्ति को चाहिए कि न तो वह दूसरों को अपने काम में बाधा देने दे और न दूसरों के काम में बाधा दे. अगर जीवन में कुछ पाना हो, कोई उपलब्धि हासिल करनी हो तो अपनी धुन में रमे रहना चाहिए और लोगों की फ़िक्र न करना बहुत जरुरी है.

“जो व्यक्ति आपको महत्व देता है वह कभी भी आपको खोने की स्थिति में नहीं आएगा.”

लोग क्या कहेंगे!!

यह वाक्य केवल मध्यवर्गीय श्रेणी के लोगों के लिए बना है, क्योंकि सिर्फ इन्हीं लोगों को फर्क पड़ता है, लोगों के कुछ कहने से__ और यही वो लोग हैं, जो हमेशा कुछ न कुछ कहते रहते हैं, _ क्योंकि इनसे नीचे की श्रेणी के लोग इतने आर्थिक मंदहाली में हैं कि उनके पास समय ही नहीं है कि _ वो अपनी ज़रुरतें पूरा करने के अतिरिक्त कुछ और सोच सके,__और इनसे ऊपर की श्रेणी के लोग अपनी खवाइशें पूरा करने में इतने व्यस्त हैं कि _ कौन क्या कर रहा है और क्यों कर रहा है ये सब जानने का उनके पास समय ही नहीं है.

आर्थिक तौर पर आप भले ही मध्यवर्गीय श्रेणी में आते हों मगर अपनी सोच का दायरा जरूर इससे ऊपर उठाएं, तो जो “लोग क्या कहेंगे ” आपके लिए बेमायने हो जाए.

‘लोग क्या कहेंगे’, यह हम लोगों की शाश्वत समस्या है. _हम संसार में हैं तो अनेक अनुकूल-प्रतिकूल परिस्थितियों से हमारा सामना होता है._

परिवार एक चारदीवारी की तरह होता है, जहां सब कुछ होता है लेकिन गोपनीय. _घर में धन हो या गरीबी, गोपनीय. _ आपसी प्रेम हो या अशांति, गोपनीय. _ स्वस्थ हों या बीमार हों, गोपनीय. _ज़िंदगी के मज़े ले रहे हों या भुगत रहे हों, गोपनीय._

यहाँ तक कि पति पत्नी के बीच भी बहुत-कुछ गोपनीय रहता है. _घर की बात घर के बाहर न जाए, इसके पर्याप्त प्रयास किए जाते हैं _लेकिन जब बात बढ़ जाती है तो _वह घर की सीमा रेखा को लांघ कर स्वयमेव बाहर आ जाती है.

हमारी ज़िंदगी में हमारे होने का महत्व कम है, दूसरे की राय का महत्व अधिक है. _मैं अच्छा हूँ लेकिन यदि मेरे बारे लोगों की राय अच्छी नहीं है तो यह मेरे लिए चिंता का विषय है.

_मैं भला व्यक्ति नहीं हूँ, दुष्ट हूँ, अत्याचारी हूँ लेकिन यदि मेरे बारे लोगों की राय अच्छी है तो मैं खुश हूँ, चिंता की कोई बात नहीं.

आप भी ऐसे अनेक लोगों को जानते हैं जिन्होने अन्यायपूर्वक जीवनयापन किया है, वे सामाजिक मंचों पर बहुत सक्रिय रहते हैं _ताकि लोगों के बीच उनकी छबि अच्छी बनी रहे.

मानव स्वभाव की विचित्रता यह है कि स्वयं को अच्छा बनाने की बजाय लोगों की नज़र में अच्छा बनने का प्रयास करता है ; इसी मनोविज्ञान की उपज है, — ‘लोग क्या कहेंगे ?’

दुनिया का सबसे बड़ा रोग ” क्या कहेंगे लोग ” बात सच्ची भी है, गहरी भी है.

_ हालांकि ध्यान से देखें तो लोग हमारा ना कोई खर्चा उठाते हैं, ना हमारा इलेक्ट्रिसिटी बिल [ Electricity Bill ], वाटर बिल [ Water Bill ] , ना हमारा टैक्स पे [ Tax Pay } करते हैं ;

_ लेकिन फिर भी हम उनसे ये इम्पोर्टेंस [ Importance ] रखकर चलते हैं कि _ वो हमारे बारे में अच्छा सोचें, अच्छा कहें, _ यहां तक कि वो फ्री में ब्लेसिंग [ Blessing } भी नहीं देते ..!!

_ वो तो हमसे ये उम्मीद नहीं रखते _ लेकिन हम उनसे ये उम्मीद रख कर चलते हैं, _ फिर बीमार हम हैं _ ये रोग हमारा है..!!

” दुनिया का सबसे बड़ा रोग क्‍या कहेंगे लोग ”  – जिन्दगी में आप जो करना चाहते है, वो जरूर कीजिये, ये मत सोचिये कि” लोग क्या कहेंगे “ क्योंकि लोग तो तब भी कुछ कहते हैं, जब आप कुछ नहीं करते.

असली सवाल यह है की भीतर आप क्‍या हो ? अगर भीतर गलत हो, तो आप जो भी करोगे, वह गलत ही होगा, अगर आप भीतर सही हो, तो आप जो भी करोगे, वह सही साबित होगा.

” लोग क्या कहेंगे ” क्यों जीते हैं लोग इस बोझ तले, _ हमें रोका जाता है टोका जाता है, – चाहे वो काम सही क्यों ना हो,_डर बैठा दिया जाता है मन में,_ कि ” लोग क्या कहेंगे “

“- आपको इसकी परवाह क्यों करनी चाहिए कि लोग क्या कहेंगे ? आपको बस अपने आप को खुश करना है.”

“-लोग कुछ भी कहते रहें, आप अपना काम जारी रखिए..

_ क्योंकि काम की उम्र _ गालियों से बहुत लंबी होती है.!!”

आप जो भी अच्छा काम कर रहें हैं वह करते रहिए, _ लोगों को क्या है,

_ लोग अपनी लकीर बढ़ाने के बजाए दूसरों की लकीर को छोटा करने में यकीन करते हैं,

_ बदलियों के आ जाने से सूर्य की महत्ता कम नहीं होती,

_ अगर हमनें स्वयं की अंतरात्मा को धोखा नहीं दिया तो ..हम किसी के गुनहगार नहीं हैं..!!

सबसे बड़ा रोग ‘क्या कहेंगे लोग’

_ और मैंने इस रोग को कभी लगने नहीं दिया.!!

.बहुत बार इसी डर से हम कुछ नही कर पाते…और इसी सोच में रह जाते है क़ि….लोग क्या कहेंगे!!!!

#लोगों_का_काम_है_कहना….और लोग बस कहते है…..तब भी जब आप कुछ नही करोंगे….

और तब भी जब आप कुछ करोंगे!!!#लोगों_को_बदलते_देर_नहीं_लगती…डर को छोड़ दो…लोग क्या कहेंगे….!!

हम अपनी लाइफ में बहुत से अच्छे काम सिर्फ यह सोच कर नहीं कर पाते हैं कि ” लोग क्या कहेंगे “.

जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए, कोई अच्छा काम शुरू करने के समय कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि लोग ” क्या कहेंगे “. लोग आप की तारीफ़ भी कर सकते हैं.

लोगों की बातों को दिल से लगाना छोड़ दीजिए, बस जिंदगी के मज़े लीजिए ; क्योंकि चलती का नाम गाड़ी है, और रूकती का नाम अनाड़ी है ;

इसलिए हमेशा चलते रहें और अपनी ज़िंदगी को हर रोज अपने अंदाज़ से जीते रहें..

लोगों की बातों को अगर अपने ऊपर बोझ बना कर डालोगे तो उनके नीचे दब जाओगे,

__ बेहतर यही है कि उनकी बातों पर पांव रख कर ऊपर चढ़ने की कोशिश करो, यकीनन एक दिन ऊंचाई पर पहुंच ही जाओगे..

लोग क्या कहेंगे – पहले दिन हंसेगे, दूसरे दिन मजाक उड़ाएंगे और तीसरे दिन भूल जायेंगे,

इसलिए लोगों की परवाह मत करो, करो वो जो उचित हो, जो आप चाहते हो, जिसमें आप खुश हो,

क्योंकि जिंदगी आपकी है, लोगों की नहीं..

4 लोग, 40 बातें और 400 अफ़वाहें…

_ सब पे ध्यान दोगे तो उम्र ही बीत जाएगी..!! आप किस-किस पर ध्यान देंगे ??

“लोग क्या कहेंगे” मुझे सुनना ही नहीं है.
चार लोग चार दिन ही बस कहते,

_आप उसे सोच कर ज़िन्दगी भर सहते..!!

लोग कहते हैं ज़िन्दगी मिली है अपने हिसाब से जीने के लिए, लेकिन वही लोग _

_ सुबह होते ही किसी और के हिसाब से जीने चले जाते हैं..!

लोग कहते हैं बेवजह ही खुश रहा करो,

_ अब उनको कैसे समझाऊँ की ये सब मेरे बस में नही…!

बहुत मुश्किल होता है,,,खुद को संभाले रखना..!!

_ मगर लोग कहते हैं,,,अपना ख्याल रखना..!!

एक इंसान अपने जीवन के कितने आयाम को छू सकता था,

_ पर वो संकुचित रहा इस धारणा से कि ‘लोग क्या कहेंगे’

हम हैं के समझे नहीं खुद को आज तक _ और ” लोग ” जाने क्या क्या समझने लगे हमें !

हम से ज़्यादा समझदार ” लोग ” हैं जहां में _ जो हमें हमसे ज़्यादा समझते हैं !!

इंसान सारी जिंदगी सोचता है, ” चार लोग क्या कहेंगे “, _ अरे वो यही कहेंगे

कि कितना मूर्ख था, जो इसने सारी जिंदगी _ हमारे बारे में सोच कर निकाल दी,,,??

ये क्या सोचेंगे ? वो क्या सोचेंगे ? दुनिया क्या सोचेगी ?

इससे ऊपर उठकर कुछ सोच _ _ जिन्दगी सुकून का दूसरा नाम हो जायेगी.

किस बात की ना जाने हम क्यूँ इतनी फ़िक्र किया करते हैं,_

_ लोग क्या कहेंगे ये सोच कर हम बेवज़ह की परवाह किया करते हैं ..

देखेंगे तो क्या कहेंगे चार लोग _ चार लोगों ने निभाया नहीं, चार दिन भी साथ _ उन चार लोगों का जिक्र रहा जिंदगी में … जिंदगी भर..

— 4 लोग , 40 बातेँ, 400 अफवायें किस- किस पे ध्यान दोगे आप !!

पच्चीस साल तक हमें ये परवाह ही नहीं होती कि ‘लोग क्या कहेंगे’

_ पच्चास साल की उम्र तक हम इसी सोच में जीते हैं कई ‘लोग क्या कहेंगे’

_ और पच्चास साल के बाद आपको पता चलता है कि आपके बारे में तो कोई सोच ही नहीं रहा था.

– लोग क्या कहेंगे……अब नहीं सुनना है – _ लोग क्या कहेंगे _ लोग कुछ नहीं कहते..

लोगों के बहाने __ कुछ भी कहने वाले _ अपने ही होते हैं..

जब लोग आप को गलत बोल कर तोड़ना चाहे, तब खुद से एक बात बोलना कि _

_ मैं गलत नहीं ; _ बल्कि भीड़ से अलग हूँ ..!!

लोगों का मुहं बंद करवाने से अच्छा है, अपने कान बंद कर लो ;

” जिंदगी बेहतर बन जाएगी “

यह चिंता छोड़िए कि लोग आपके बारे में क्या सोच रहे हैं,

_ वो खुद इस चिंता में हैं कि आप उनके बारे में क्या सोच रहे हैं !!

लोगों को अब समझने में नहीं होती दिक्कत,

_ मैंने दो चेहरे वाले लोगों को पहचानना सीख लिया.!!

यदि आप ये सोचते रहे कि लोग क्या कहेंगे तो, _

_ आप अपने जीवन की पहली परीक्षा में ही हार गये हैं ..

यदि चार लोग कुछ कहते हैं तो परेशान मत होना,

_”अपने काम में लगे रहना”, यही लोग एक दिन आप के लिए तालियाँ बजाएंगे..!!

लोगों की बातें पत्थरों की तरह होती है, अपने ऊपर लाद लोगे तो दब कर रह जाओगे ;

_ क़दमों के नीचे रख लोगे तो बुलंदी पर पहुँच जाओगे !!

“लोग क्या सोचेंगे या क्या कहेंगे” सबसे बड़ा भ्रम है.

_ कोई हमें देख नहीं रहा, हर कोई अपने ही बोझ में व्यस्त और खोया है.

_ सबसे बड़ा भ्रम कभी बाहर नहीं होता- वो हमारे अंदर होता है, हम खुद अपनी जेल बन गए हैं.

_ हम नाच सकते थे, हम गा सकते थे, हम बेखौफ, खामोश, जैसा हमारा दिल चाहता, जी सकते थे.

_ लेकिन हम ऐसा नहीं करते और दुनिया की नज़रों को दोष देते हैं.

_ एक दिन, शायद बहुत देर हो चुकी होगी, तब हम सब देख लेंगे: कोई नहीं देख रहा था.

_ और उस पल, अफ़सोस डर से भी ज़्यादा भारी लगेगा..

_ तो आइए हम दर्शकों के लिए न जिएं.

_ आइए हम किसी और के होने का दिखावा करके न जिएं.

_ आइए हम कच्चे तौर पर जिएं, आइए हम सच्चे तौर पर जिएं, आइए हम अभी जिएं.

_ आइए हम अपनी सच्चाई जिएं- भले ही उसमें खामियां हों, लेकिन अगर आप अपनी यात्रा के प्रति ईमानदार हैं, तो वो आपको सही रास्ते पर ले आएगी.

_ क्योंकि एक ऐसी दुनिया में, जो हमें लगातार किसी और में बदलने की कोशिश कर रही है, स्वयं बने रहना ही सबसे बड़ा साहस है और यही वास्तविक यात्रा है.!!

आपको पीछे से टोकने वाली आवाजें आपके भले के लिए नहीं होती, _ बल्कि उनका मक़सद आपकी रफ़्तार को रोकना होता है..
” आपको परवाह क्यों करनी चाहिए कि लोग क्या कहेंगे ? _ आपको बस इतना करना है कि कृपया खुद को खुश करें.”

“लोग आपके बारे में क्या सोचते हैं, _इससे आपको कोई लेना-देना नहीं है.!!”

इतना तो उजाला रखो कि, अपनी परछाई दिखाई दे _ ” बस उतना सुनना लोगों की “, कि अपनी आवाज़ सुनाई दे !!
“इस दुनिया में सबसे दुखी लोग वे हैं _ जो इस बात की सबसे ज्यादा परवाह करते हैं कि ” दूसरे लोग क्या सोचते हैं “
” ना जाने कौन हैं ये लोग “.._ जिन के डर से ना जाने कितने फैसले बदल दिए….ना जाने कितने सपने कुचल दिए !
” लोग क्या कहेंगे “, यदि आप इस बात से परेशान हैं. _ तो आप उनके ग़ुलाम बन के रह जायेंगे व पिछड़ जायेंगे.

“दूसरे लोग क्या सोचते हैं, अगर इसकी परवाह करेंगे तो आप हमेशा उनके बंदी रहेंगे.”

हर घर बाहर से एकदम perfect दिखता है..

_ हँसते हुए चेहरे, festivals पर सजावट, photographs में मुस्कानें… सब कुछ देखने में dream family लगता है..

_ लेकिन उन frames के पीछे ऐसी कहानियाँ दबी होती हैं.. जिन पर कभी बात नहीं की जाती..

_ घर के अंदर की problem को बाहर लाना लोग कमजोरी मानते हैं.

_ “Log kya kahenge ?” का डर इतना बड़ा है कि सच्चाई हमेशा ताले में बंद रहती है.

_ हर घर में एक chapter ऐसा होता है, जिसे कभी खोला ही नहीं जाता.!!

आडंबरों के जाल में, अस्तित्व फंस सा गया है _ मन की आवाज़ से ज्यादा ” लोग क्या कहेंगे ” सुनाई देता है !!
जो मन करे बिंदास किया करो _ ” लोग क्या कहेंगे ” यार ये बकवास ना किया करो..
” लोग क्या कहेंगे ” ? ये सोच _ आप की अपनी सोच को ख़त्म कर देती है..

जीतने की जिद है तो लोगों की नहीं _ दिल की सुनो ..

आप किसी का बोलना बंद नहीं कर सकते,

_लेकिन किसकी सुनना है ..ये तय कर सकते हैं..!!

आपको खुशी तभी मिलेगी जब ” लोग क्या कहेंगे ” यह कहना छोड़ देंगे !
लोग कहते हैं और कहते रहते हैं _ आप कितना सुनते हैं, ये आप पर है..
लोगों की छुपी हुई खूबियाँ वहां सिर्फ दब के रह जाती हैं, _ जब वो ये सोचने लगते हैं की लोग क्या कहेंगे !!!
“लोग क्या कहेंगे” के बारे में ज्यादा मत सोचना, _ क्योंकि आप कुछ भी कर लो, वो सोचेंगे ही.
लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं _ अगर ये भी हम ही सोचेंगे _ तो फिर ” लोग क्या सोचेंगे ” !!!
आप वह बनिये जो आप बनना चाहते हैं ,

_वह नहीं जो चार लोग चाहते हैं..!!

‘लोग क्या कहेंगे’ से घबराना नहीं चाहिए,

_ क्योंकि खेल में शोर दर्शक ही मचाते हैं खिलाड़ी नहीं !!

चार लोग क्या कहेंगे ? आपको ये सोच को बदलने की जरूरत है, नहीं तो आप हमेशा उल्टे-सीधे ख्यालों में उलझे रहोगे और अपने जीवन में प्रगति नहीं कर पाओगे.!!
लोगों की सलाह से खुद को मुक्त करें, क्योंकि उनमें से अधिकांश को तो पता ही नहीं होता कि ” वे खुद क्या कर रहे हैँ “
यदि जिंदगी में शांति चाहते हो तो ” लोग क्या कहेंगे ” की बातों को दिल पर लेना छोड़ दो.
“किसी व्यक्ति का पूरा जीवन उसके दृष्टिकोण [Attitude] पर निर्भर करता है” – लोग क्या कहेंगे उस पर नहीं ..!!
हम सोचते रहते हैं कि ” लोग क्या कहेंगे “, _ और लोग कहने के बावजूद भी नहीं सोचते…
लोग क्या कहेंगे और उनकी राय का _आपके निर्णयों पर कभी प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए,

यह आपकी ज़िन्दगी है, उनकी नहीं.. आप को जिससे ख़ुशी मिलती हो, वही करो..

पानी कितना भी गंदा हो लेकिन कभी भी एक पौधे को पेड़ बनने से नहीं रोक सकता,

_ इसी तरह नकारात्मक लोगों की बातें भी आपकी कामयाबी को नहीं रोक सकती.!!

बोलने का शौक़ रखते हों तो,, सुनने की भी आदत होनी चाहिए !!
अधिकतर लोग ऐसे पिंजरे में कैद हैं, जिस पिंजरे पे लिखा है “लोग क्या कहेंगे”
लोग क्या कहेंगे और दूसरे क्या सोचते हैं, इस पर ध्यान न देते हुए अपनी पसन्द व आवश्यकताओं पर ध्यान दें, और जीयें एक सुविधाजनक ज़िन्दगी.!!
मेरा सोशल सर्कल नहीं है.

_कुछ लोग मुझे अहंकारी समझते हैं, _मैं इसकी परवाह नहीं करता..

_नौ लोग होंगे तो नब्बे कहानियां बनेंगी.

_सभी के अपने निर्णय और दृष्टिकोण होंगे.

_किसी को प्यारा लगूंगा, कोई कहेगा अहंकारी है.

_मुझे इस पचड़े में रहना ही नहीं है.

_अगर मुझे चुप रहना अच्छा लग रहा है तो मैं चुप रहूंगा.

_”कुछ तो लोग कहेंगे लोगों का काम है कहना”

_ना दुखी था वो अपने हालातों से इतना,_ जितना ये सोच कर था की लोग क्या कहेंगे.

_ लोगों को उनके कार्यों से समझें _और आप कभी भी उनकी बातों से मूर्ख नहीं बनेंगे.

_ तोड़ देती है हिम्मत _ विश्वास तोड़ देती है _ खुद पर से कि ” लोग क्या कहेंगे “

_ लोग क्या कहेंगे और दूसरे लोगों की समस्याओं के बारे में ज़्यादा चिंतित न हों “

_ लोग बोलते क्या हैं, इससे ज़्यादा वो करते क्या हैं, इस बात पर ध्यान दें.”

_ लोग क्या कहेंगे यह मत सोचो, आपके सपने कैसे पूरे होंगे ” यह सोचो “

_ कई सफलताएं रुक जाती हैं _ ये सोच के कि ” लोग क्या कहेंगे “

_ ” लोग क्या कहेंगे “_अगर मैं ये सोंचूंगा _ तो वो क्या सोचेंगे.!!

_ लोगों की राय से ज्यादा _ अपनी शांति को महत्व दें !!”

_ तुम ऐसा करते हो ! वैसा करते हो ! ” लोग क्या कहेंगे “

_ ” लोग तो कहेंगे ही – लोगों का काम है कहना “

आख़िर में हर कर्म की ज़िम्मेदारी हमारी अपनी है.

_ दूसरों को दोष देना सिर्फ़ मूर्खता है.

_ अगर बदलना है — तो खुद बदलना होगा,

_ किसी और से उम्मीद रखकर.. जीवन बरबाद नहीं किया जाता.

_ दूसरे क्या कह रहे हैं, क्या कहेंगे, क्या सोच रहे हैं —

_ उस पर ध्यान देते रहे, तो पूरी ज़िंदगी जस्टिफ़ाई करते ही निकल जाएगी. _ जो करना है — बस कर डालो..

_ एक ही जीवन है — भरपूर जियो..

_ और अंत में यह महसूस होगा कि —

_ जिन लोगों की राय से डरते हो, वो लोग आपके बारे में वैसे भी सोचते नहीं.!!

“लोग क्या सोचेंगे या क्या कहेंगे”

_ यह कथन सबसे बड़ा झूठ है.. जो हम खुद को धोखा देने के लिए खुद से कहते हैं,

_ यहाँ किसी को परवाह नहीं..

_ पूरे समय, हमें लगता है कि लोग हमें देख रहे हैं, हमारे फ़ैसलों को आंक रहे हैं, हमारे कदमों को नाप रहे हैं.

_ यहाँ हर कोई अपने संघर्षों में खोया हुआ है, और अपने-अपने मुखौटे पहनने में व्यस्त हैं.

_ सबसे बड़ा भ्रम कभी बाहर नहीं होता – वह हमारे अंदर होता है.

_ हम अपनी ही जेल बन गए हैं.

_ हम नाच सकते थे.. हम गा सकते थे..

_ हम बेतहाशा, चुपचाप, जैसे हमारा दिल चाहता, जी सकते थे..

_ लेकिन हम ऐसा नहीं करते.. और दुनिया की नज़रों को दोष देते हैं.

_ आज़ादी हमेशा हमारी पहुँच में होती है, लेकिन हम उस इजाज़त का इंतज़ार करते रहते हैं.. जो कभी नहीं मिलती.

_ एक दिन, शायद बहुत देर हो चुकी होगी, हम सब यह देख पाएँगे : कि कोई देख नहीं रहा था और न ही कोई कुछ सोच रहा था.

_ और उस पल, पछतावा डर से भी ज़्यादा भारी लगेगा.

_ तो आइए हम सिर्फ़ दर्शकों के लिए न जिएँ..

_ आइए हम किसी और के होने का दिखावा करते हुए न जिएँ.

_ आइए हम कच्चे तौर पर जिएँ, आइए हम सच्चे तौर पर जिएँ, आइए हम अभी जिएँ,

_ आइए हम अपनी सच्चाई को जीएँ—भले ही उसमें खामियाँ हों,

_ लेकिन अगर आप अपनी यात्रा के प्रति ईमानदार हैं, तो यह आपको सही रास्ते पर ले आएगी.

_ क्योंकि एक ऐसी दुनिया में, जो लगातार हमें किसी और में बदलने की कोशिश कर रही है, खुद बने रहना ही सबसे बड़ा साहस है और यही असली यात्रा है.!!

– SACHIN

सुविचार 3944

हम सभी को जीवन में कुछ निर्णय ऐसे भी करने पड़ते हैं,

जो हमे खुद को पसंद नहीं होते हैं पर किसी दूसरे की खुशी के लिए करने पड़ते हैं.

जीवन में कुछ निर्णय अत्यंत ही महत्वपूर्ण होते हैं,

_क्योंकि उन पर आगे की राह निर्भर करती है.

गलत निर्णय लेना जीवन का एक हिस्सा है. _अपने बुरे निर्णयों के लिए दूसरों को दोष देना अपरिपक्वता है.

Making bad decisions is a part of life. Blaming others for your bad decisions is immature.

मस्त विचार 3818

हम ‘चाहने’ की मानसिक स्थिति में इतने गहराई से उलझे हुए हैं,

_ हम ‘होने’ की स्थिति में नहीं जा रहे हैं.

Collection of Thought 950

Decide what you want .. believe you can have it, believe you deserve it, believe it’s possible for you.

तय करें कि आप क्या चाहते हैं .. विश्वास करें कि आप इसे प्राप्त कर सकते हैं, विश्वास करें कि आप इसके लायक हैं, विश्वास करें कि यह आपके लिए संभव है..

सुविचार 3943

*गलतियाँ कीजिये, वो तो सबसे होती है,

_ पर कभी किसी के साथ जान बूझकर गलत ना कीजिये.

Quotes by Ayn Rand

Do not let the hero in your soul perish in lonely frustration for the life you deserved and have never been able to reach.

अपनी आत्मा के नायक को उस जीवन के लिए एकाकी निराशा में नष्ट न होने दें जिसके आप हकदार थे और जिस तक आप कभी नहीं पहुंच पाए.

To sell your soul is the easiest thing in the world. That’s what everybody does every hour of his life. If I asked you to keep your soul – would you understand why that’s much harder ?

अपनी आत्मा बेचना दुनिया का सबसे आसान काम है. _हर कोई अपने जीवन के हर घंटे यही करता है. _ अगर मैं आपसे अपनी आत्मा को सुरक्षित रखने के लिए कहूं – तो क्या आप समझ पाएंगे कि यह इतना कठिन क्यों है ?

Throughout the centuries there were men who took first steps, down new roads, armed with nothing but their own vision.

सदियों से ऐसे लोग थे जिन्होंने नई राहों पर पहला कदम उठाया, उनके पास अपनी दृष्टि के अलावा और कुछ नहीं था.

The world you desire can be won, it exists, it is real, it is possible, it is yours.

जिस दुनिया को आप चाहते हैं उसे जीता जा सकता है, यह अस्तित्व में है, यह वास्तविक है, यह संभव है, यह आपकी है.

Every man builds his world in his own image. He has the power to choose, but no power to escape the necessity of choice.

प्रत्येक मनुष्य अपनी दुनिया अपनी छवि के अनुसार बनाता है. _ उसके पास चुनने की शक्ति है, लेकिन चुनने की आवश्यकता से बचने की कोई शक्ति नहीं है.

It’s not about who’s going to let me; it’s about who’s going to stop me.

यह इस बारे में नहीं है कि मुझे कौन जाने देगा; यह इस बारे में है कि मुझे कौन रोकेगा.

If you know that this life is all that you have, wouldn’t you make the most of it ?

यदि आप जानते हैं कि आपके पास यही जीवन है, तो क्या आप इसका अधिकतम लाभ नहीं उठायेंगे ?

As we gain knowledge, we do not become more certain, we become certain of more.

जैसे-जैसे हम ज्ञान प्राप्त करते हैं, हम अधिक निश्चित नहीं हो जाते, हम और अधिक के प्रति निश्चित हो जाते हैं.

You can ignore reality, but you can’t ignore the consequences of ignoring reality.

आप वास्तविकता को नजरअंदाज कर सकते हैं, लेकिन आप वास्तविकता को नजरअंदाज करने के परिणामों को नजरअंदाज नहीं कर सकते.

Any refusal to recognize reality, for any reason whatever, has disastrous consequences. There are no evil thoughts except one: the refusal to think. Don’t ignore your own desires…. Don’t sacrifice them. Examine their cause. There is a limit to how much you should have to bear.

किसी भी कारण से, वास्तविकता को पहचानने से इनकार करने पर विनाशकारी परिणाम होते हैं. _ एक को छोड़कर कोई भी बुरे विचार नहीं हैं: सोचने से इनकार करना. _अपनी इच्छाओं को नज़रअंदाज़ न करें…. उनका बलिदान न करें. _ उनके कारण की जांच करें. आपको कितना सहन करना चाहिए इसकी एक सीमा है.

Freedom comes from seeing the ignorance of your critics and discovering the emptiness of their virtue.

स्वतंत्रता अपने आलोचकों की अज्ञानता को देखने और उनके सद्गुणों की शून्यता की खोज करने से आती है.

The man who does not value himself, cannot value anything or anyone.

जो आदमी खुद को महत्व नहीं देता, वह किसी भी चीज़ या किसी को भी महत्व नहीं दे सकता.

Learn to value yourself, which means: fight for your happiness.

स्वयं को महत्व देना सीखें, जिसका अर्थ है: अपनी खुशी के लिए लड़ना.

To say ‘I love you’ one must first be able to say the ‘I.’

‘आई लव यू’ कहने के लिए पहले व्यक्ति को ‘आई’ कहने में सक्षम होना चाहिए.

Don’t ever give up what you want in life. The struggle is worth it.

जीवन में आप जो चाहते हैं उसे कभी न छोड़ें. संघर्ष इसके लायक है.

All life is a purposeful struggle, and your only choice is the choice of a goal.

सारा जीवन एक उद्देश्यपूर्ण संघर्ष है, और आपकी एकमात्र पसंद एक लक्ष्य का चुनाव है.

I started my life with a single absolute: that the world was mine to shape in the image of my highest values and never to be given up to a lesser standard, no matter how long or hard the struggle.

मैंने अपना जीवन एक ही निरपेक्षता के साथ शुरू किया: कि दुनिया मेरी है, इसे अपने उच्चतम मूल्यों की छवि में ढालना है और इसे कभी भी कम मानकों पर नहीं छोड़ा जाना चाहिए, चाहे संघर्ष कितना भी लंबा या कठिन क्यों न हो.

It’s the hardest thing in the world – to do what we want. And it takes the greatest kinds of courage.

यह दुनिया में सबसे कठिन काम है – वह करना जो हम चाहते हैं. _और इसके लिए सबसे बड़े प्रकार के साहस की आवश्यकता होती है.

It’s good to suffer. Dont complain. Bear, bow, accept – and be grateful that God has made you suffer. For this makes you better than the people who are laughing and happy.

कष्ट सहना अच्छा है. शिकायत मत करो. सहन करो, झुको, स्वीकार करो – और आभारी रहो कि रब ने तुम्हें कष्ट दिया है. _ क्योंकि यह आपको उन लोगों से बेहतर बनाता है जो हंस रहे हैं और खुश हैं.

In order to be in control of your life, you have to have a purpose-a productive purpose.

अपने जीवन पर नियंत्रण रखने के लिए, आपके पास एक उद्देश्य होना चाहिए – एक उत्पादक उद्देश्य.

If you don’t know, the thing to do is not to get scared, but to learn.

यदि आप नहीं जानते हैं, तो डरने की नहीं, बल्कि सीखने की जरूरत है.

Serenity comes from the ability to say “Yes” to existence. Courage comes from the ability to say “No” to the wrong choices made by others.

शांति अस्तित्व के प्रति “हाँ” कहने की क्षमता से आती है. साहस दूसरों द्वारा किए गए गलत विकल्पों को “नहीं” कहने की क्षमता से आता है.

An irresponsible person is a person who makes vague promises, then breaks his word, blames it on circumstances and expects other people to forgive it.

एक गैरजिम्मेदार व्यक्ति वह व्यक्ति होता है जो अस्पष्ट वादे करता है, फिर अपना वचन तोड़ता है, इसका दोष परिस्थितियों पर मढ़ता है और दूसरे लोगों से इसे माफ करने की अपेक्षा करता है.

The evasion of responsibility is the major cause of most peoples frustrations and defeats.

जिम्मेदारी से बचना अधिकांश लोगों की निराशा और हार का प्रमुख कारण है.

The mark of an honest man… is that he means what he says and knows what he means.

एक ईमानदार आदमी की पहचान यह है कि वह जो कहता है, वही कहता है और जानता है कि उसका क्या मतलब है.

Every honest man lives for himself. Every man worth calling a man lives for himself. The one who doesn’t – doesn’t live at all.

प्रत्येक ईमानदार व्यक्ति अपने लिए जीता है. _मनुष्य कहलाने योग्य प्रत्येक व्यक्ति अपने लिए जीता है. _ जो नहीं करता – वह जीवित ही नहीं रहता.

I say that man is entitled to his own happiness and that he must achieve it himself. But that he cannot demand that others give up their lives to make him happy.

मैं कहता हूं कि मनुष्य अपनी खुशी का हकदार है और उसे इसे खुद ही हासिल करना होगा. _लेकिन वह यह मांग नहीं कर सकता कि दूसरे उसे खुश करने के लिए अपनी जान दे दें.

But why should you care what people will say? All you have to do is please yourself.

लेकिन आपको इसकी परवाह क्यों करनी चाहिए कि लोग क्या कहेंगे ? आपको बस अपने आप को खुश करना है.

Money is only a tool. It will take you wherever you wish, but it will not replace you as the driver.

पैसा तो एक साधन मात्र है. आप जहां चाहें यह आपको ले जाएगा, लेकिन यह ड्राइवर के रूप में आपकी जगह नहीं लेगा.

The difference between animals and humans is that animals change themselves for the environment, but humans change the environment for themselves.

जानवरों और इंसानों के बीच अंतर यह है कि जानवर पर्यावरण के लिए खुद को बदलते हैं, लेकिन इंसान अपने लिए पर्यावरण को बदलते हैं.

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