मस्त विचार 3888
खुद का दर्द, खुद से ज्यादा, कोई नहीं समझ सकता है.
_ खुबसूरती उसमें है कि हम औरों के प्रति व्यवहार कैसा करते हैं.
_ इंसान का बेहतरीन होना भी एक गुनाह है..
_ हो सकता है, आपकी जीत सिलसिला बस अभी शुरू ही हुआ हो.
_ उस पर फिर कोई सन्देह नहीं किया जा सकता.
_ अब कोई वजह नही मिलती मुस्कुराने की !!
_ *बदले में ज़िंदगी की हर खुशी बर्बाद की है*