सुविचार 4165
_ सीखने और विकास करने के लिए हरदम तैयार हैं..
_ सीखने और विकास करने के लिए हरदम तैयार हैं..
_ तो उगता हुआ सूरज भी डूबता हुआ दिखता है..
_ और आसान करने के लिए समझना पड़ता है..
_ तभी पाने की क़ीमत समझ आती है..!!
_ वर्तमान का आनंद लेना ही जीवन का सच्चा सुख है.
सबकी ज़िंदगी ठीक कट रही है, जो बची है वो भी ठीक कट जाएगी..!!
_इसका उपयोग समाधान ढूंढ़ने में लगाया जाए..!!
_ ताकि हम खुद अपनी रोशनी ढूँढना सीखें.. वहीं से नई शुरुआत होती है.!!
_ किसी के दिल को लग जाए वो बात न कहना,
_ मिलते हैं हमारे जैसे लोग बहुत कम, इसलिए हमेशा कभी अलविदा न कहना.
_ क्योंकि प्रशंसा प्रेरणा देती है और निंदा सावधान होने का अवसर..
_ निन्दा और प्रशंसा साथ-साथ चलते हैं.
_ और चिंता करने वाला आपकी परिस्थिति देखता है..!!
जीवन आपकी भावनाओं और वास्तविकता के बीच एक समझौता है, _ जीवन के हर पड़ाव पर आपको अपनी भावनाओं को छोड़ना होगा और वास्तविकता को स्वीकार करना होगा.
कुछ अवास्तविक पल हम इस तरह जीते हैं कि फिर असल जीवन बहुत कष्ट देने लगता है…!