सुविचार 4764

मदद एक ऐसी घटना है, जिसे करो तो लोग भूल जाते हैं..

..यदि ना करो तो याद रखते हैं !

सुविचार 4763

मैंने कभी ऐसी समस्या नहीं देखी, जिसका समाधान केवल उसके बारे में शिकायत करने से हुआ हो.

सुविचार – 2026 नया साल – 4762

“..अलविदा 2025”..
तुम्हारे साथ कि बहुत खट्टी मीठी बातें, जो इस साल ही घटी.. बहुत कुछ सिखाया तुमने.!
“2025 में मैंने कुछ नया जोड़ने की कोशिश नहीं की ;

_ बस जो अनावश्यक था, उसे गिरने दिया..- और उसी में हल्कापन मिला.”

हर बीतता साल मेरे भीतर अपना एक हिस्सा छोड़ जाता है..

_ कभी किसी अधूरी ख़्वाहिश के रूप में, कभी किसी सीख की तरह, तो कभी ऐसी याद बनकर.. जो चुपचाप मेरे स्वभाव में घुल जाती है.
_ वक़्त गुजरता नहीं, बस जमा होता जाता है, और मैं हर साल के साथ थोड़ा कम मासूम, थोड़ा ज़्यादा समझदार और थोड़ा और ख़ामोश हो जाता हूँ.!!
अब नए साल में, मुझे पुरानी चीजों और पुरानी यादों से छुटकारा पाने का मन कर रहा है.

_ नए साल के आगमन के साथ, ऐसा लग रहा है कि आज की सुबह कल से बिलकुल अलग है.
_ ‘अतीत बीत चुका है;..
_ “एक नई सुबह, और एक नया दृष्टिकोण”
_ जीवन में नई ऊर्जा, नई इच्छाएं और नया उत्साह.!!
साल का पहला दिन बिल्कुल उम्मीदों जैसा ही रहा न कुछ ऐसा जो आसमान छू जाए, न कुछ ऐसा जो दिल को तोड़ दे..

_ बस एक ठहरी हुई सी शुरुआत, जहाँ न खुशी शोर मचाती है और न ही उदासी हावी होती है..- शायद यही संतुलन आने वाले दिनों का संकेत है.!!
हर साल जनवरी के महीने में कुछ समय के लिए, पता नहीं क्यों, एक अजीब सी उदासी मेरे मन को घेर लेती है.. बिना किसी ठोस कारण के, सब कुछ फीका और नीरस लगने लगता है, _ मानो नए साल की शुरुआत भी कहीं न कहीं भीतर खालीपन छोड़ जाती है.!!
“तारीखों में क्या रखा है, वक्त बदलने के लिए, एक पल ही काफी है..”
2026

_ “कम शोर, ज़्यादा सच”
_ “तेज़ नहीं, सही”
_ “छोड़ना भी आगे बढ़ना है”
_ “हर बात ज़रूरी नहीं”
_ “संतुलन ही प्रगति है”
_ “भीतर साफ़, बाहर सरल”
_ “आज ठीक है”
_ “कम चाहिए”
_ “चुप भी जवाब है”
_ “खुद के पास लौटो”

मस्त विचार 4637

यह जानकर भी उसे जाने दिया… कि अब मुलाकात नहीं होगी फिर कभी..!!
नया साल कोई वादा नहीं, एक नई समझ लेकर आने का अवसर है.
कम चाहिए, साफ़ चाहिए..- यही 2026 की सबसे बड़ी तैयारी है.

_ जो छोड़ना सीख गया, वही नए साल को सच में जी पाता है.

_ इस साल तेज़ नहीं, संतुलित चलना ही प्रगति है.
हर सपना पूरा हो, ज़रूरी नहीं..- हर दिन ईमानदारी से जिया जाए, यही काफ़ी है.
2026 में भीड़ से नहीं, अपने भीतर से जुड़ने की कोशिश करें.
2026 में खुद को बदलने का नहीं, खुद के पास लौटने का इरादा रखें.
2026 में यह तय करें..- हर बात पर प्रतिक्रिया नहीं, हर मोड़ पर जागरूकता.
नया साल नई दौड़ नहीं, पुरानी अनावश्यक चीज़ों से उतरने का नाम है.
जो भीतर शोर कम कर ले, उसके लिए हर साल नया हो जाता है.
साल बदलता है तारीख़ से, ज़िंदगी बदलती है दृष्टि से.
जब शब्द कम होंगे, तो नया साल ज़्यादा साफ़ दिखाई देगा.
हर सपना पूरा हो, ज़रूरी नहीं..- हर दिन ईमानदारी से जिया जाए, यही काफ़ी है.

सुविचार 4761

शब्द मुफ़्त हैं, मगर अधिकांश व्यक्तियों को उसका सही उपयोग करना नहीं आता ..!

Collection of Thought 1110

Decide what you want .. believe you can have it, believe you deserve it, believe it’s possible for you.

तय करें कि आप क्या चाहते हैं .. विश्वास करें कि आप इसे प्राप्त कर सकते हैं, विश्वास करें कि आप इसके लायक हैं, विश्वास करें कि यह आपके लिए संभव है.

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