मस्त विचार 4669
इतना कुछ था दुनिया में लड़ने झगड़ने को, पर ऐसा मन मिला कि ज़रा से प्यार में डूबा रहा और जीवन बीत गया.
पर,
तुम सुनने के लायक ही नही रहे।।।
जो जमीं के नहीं होते वो कहीं के नहीं होते.
आप जैसे हैं, यह आपके साथ हुई घटना का परिणाम नहीं है, यह इस बात का परिणाम है कि आपने अपने अंदर क्या रखने का फैसला किया है.
हम ”ज़रूरत” थे ”ज़रूरी” नहीं..
_ लोग अपनी आवश्यकता, सुविधा एवमं मनोदशा के आधार पर ही आपको आँकेंगे….!!!
किसी के थोपे हुए नकारात्मक विचार भी अब मुझे प्रभावित नहीं करते…!!