सुविचार 4843
जिन्दगी की परीक्षा में केवल जिन्दगी को जीने वाला ही पास हो सकता है.
लगता है अब बस पढना ही पढना है..
बर्बादियों का जश्न मनाता चला गया..
जब हम अंदर बाहर दोनों तरह से मजबूत हों हर बात के प्रति जागरूक हों.
” जीवन के सभी अंधकार मिटा देती है “…
” बैठना और नोटिस करना आसान है, जो मुश्किल है वह है उठना और कार्रवाई करना “
ख़ुद की बताने का मन नहीं करता…
अमीर की बकवास पर भी “हां जी : हां जी” होय..
फैसला लेकर उसे सही साबित करना काबिलियत है…