मस्त विचार 4808
बिखरने का सबब क्या कहें यारों किसी से अब,
काँच टूटता है तो कुछ टुकड़े समेटने में नहीं आते ..!!
काँच टूटता है तो कुछ टुकड़े समेटने में नहीं आते ..!!
और जो इंसान _ यह हुनर सीख जाता है _ वो कभी भी दुखी नहीं होता.
लोगों को अपनी योजना न बताएं, _ उन्हें अपने परिणाम दिखाएं..
तो मैं क्यूँ एक असफलता के बाद सपनों का दामन छोड़ दूँ,,!!!
_ इसे जबरदस्त तरीके से तय करें..
अब किसी का भी होना नहीं चाहिए.
इंसान को जिंदगी में कभी हारने नहीं देता.
मेरा दिखना भी गवारा नहीं और नज़र भी मुझ पर ही रखते हैं..
पर_फिर भी,_पता_नहीं_क्यूँ _हर_वक़्त_याद_आते हो_तुम..