सुविचार 3911

अच्छा सोचिए, अच्छा बोलिए और अच्छा कीजिए,

_क्योंकि सब आपके पास वापस लौटकर आता है.

सुविचार 3910

यदि एक बार मन सामंजस्य्पूर्ण स्थिति में आ जाए, तो फिर न बाहरी परिस्थितियों

और वातावरण का उस पर कोई प्रभाव होगा और न ही आंतरिक अशांति होगी.

मस्त विचार 3784

अकेला हूं इसका यह मतलब नहीं कि गलत रास्ते पर चल रहा हूं, _ अकेला इसलिए हूं _क्योंकि बड़े सपनों का पीछा कर रहा हूं और _बड़े सपनों का पीछा अकेले ही करना पड़ता है..
सपनों का साकार होना क्या होता है, _ यह सिर्फ वह समझ सकता है, _जिसने सालों खुद को रगड़ कर कुछ पाया हो.!!

सुविचार 3908

अपने को मनुष्य बनाने की कोशिश करो,

_यदि इसमें सफल हो गए तो हर काम में सफलता मिलेगी.

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