मस्त विचार 4005

तुम इतने भी नादां नहीं हो की ” समझ ” न सको..!!

_ मेरी चंद लाइनों में सिर्फ तेरा ही ” जिक्र ” होता है ..!!!!

सुविचार 4129

सत्संग का प्रभाव मनुष्य पर पड़ता है,

_ जैसे जिस मिट्टी में फूल खिलते है, वो भी महकने लगती है.

मन मिट्टी जैसा है, जो बोओगे वो पाओगे..!!
फूल यूँ ही नहीं खिलते, बीज को दफ़न होना पड़ता है..!!
जब समय आता है तब ही फूल खिलते हैं, और उसकी खुशबू फैलती है.

मस्त विचार 4004

कितनी दफा मिटाओगे मेरा वजूद,

_ मैं फिर से उग जाऊंगा, तुम देख लेना..

मनुष्य जीवन भर सीखता रहता है;

_ जिस दिन वह सीखना बंद कर देता है, उस दिन से उसका वजूद ठहर जाता है.!!

मस्त विचार 4003

लोगों ने मुझ पर फेंके थे पत्थर जो बेशुमार,

_ मैंने उन्हीं को जोड़कर एक घर बना लिया.

कुछ लोगों की प्रवृत्ति होती डंक मारने की..

_मौका मिलते ही मार देते है …और आप हैरान देखते रह जाते हैं..!!

तैरना सिख लो ज़िन्दगी के समंदर में, डुबाने वाले यहाँ बस मौका देखते हैं.!!

सुविचार 4127

” सोचो लेकिन वो सोचो जो कर सकते हो, सोचो लेकिन वो सोचो जो किया जाना चाहिए, सोचो लेकिन वो सोचो जो सबके हित का हो,”
लड़ाका होना अच्छी बात नहीं.. लेकिन अपने हितों की रक्षा के लिए लड़ना पड़े तो ज़रूर लड़िए.!!

मस्त विचार 4001

बात तो होती है, पर अब बातों में वो बात नही होती..
न जाने कहाँ चला गया है आज का इंसान

_बात तो करता है _बातें नहीं करता..!!

Collection of Thought 986

“At the end of the day, remind yourself that you did the best you could today, and that is good enough.”

” दिन के अंत में, अपने आप को याद दिलाएं कि आपने आज जो सबसे अच्छा किया वह आपने किया, और यह काफी अच्छा है “

सुविचार 4126

जीवन में वही व्यक्ति उन्नत्ति कर सकता है,,

_ जो स्वयं ख़ुद को उपदेश देना जानता हो,,

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