सुविचार 4709
आप अपनी मान्यताओं के कारण ही सुखी या दुखी हैं …
जिंदगी फिर बुला रही है ” जीने के लिए “
तो आप जीवन की पहली परीछा में हार गए हैं.
_ क्योंकि कबाड़ के व्यापारी को, हीरे की परख नहीं होती.
कभी जल्दी तो कभी देर से मिलता है – लेकिन मिलता जरूर अवश्य है.
जब आप अपने आदतन विचारों को बदलते हैं, तो यह ट्रेन की दिशा बदलने जैसा होता है.
इससे तो अच्छा है कि हम प्यार से अपनी लड़ाई ख़त्म कर लें.