सुविचार 4958

किसी से किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा की आवश्यकता नहीं है,

आप स्वयं में जैसे हैं, एकदम सही हैं, स्वयं को स्वीकारिये.

Collection of Thought 1149

Common sense is a flower that doesn’t grow in everyone’s garden.

सामान्य ज्ञान एक ऐसा फूल है जो हर किसी के बगीचे में नहीं उगता.

मस्त विचार 4832

ना थके हैं अभी पैर, ना अभी हिम्मत हारी है..

_ हौसला है जिंदगी में कुछ कर दिखाने का, इसलिए अभी भी सफ़र जारी है.

“कुछ रास्ते सिर्फ पैरों के छालों को पता होते हैं..”

सुविचार 4957

जीवन के महत्व को जानें और दूसरों को नीचा दिखाने में कभी भी खुद को शामिल न करें.

मस्त विचार 4830

जब तक आपकी सोच और विचार अच्छे नहीं हो जाते, तब तक आपके अच्छे दिन नहीं आते.
“हम दुनिया को जैसी है वैसी कम, और जैसे हम हैं.. वैसे अधिक देखते हैं”

सुविचार 4955

इंसान अपना घमंड अपने अच्छे वक्त में दिखाता है,

लेकिन उसका अंजाम उसके बुरे वक्त में दिखता है.

error: Content is protected