मस्त विचार 4834
जाल बिछा कर फंसाने वाले जब पीछे पड़े हों तो,
खुद की चाल को भी थोड़ा सा बदलना पड़ता है.
खुद की चाल को भी थोड़ा सा बदलना पड़ता है.
आप स्वयं में जैसे हैं, एकदम सही हैं, स्वयं को स्वीकारिये.
सामान्य ज्ञान एक ऐसा फूल है जो हर किसी के बगीचे में नहीं उगता.
_ हौसला है जिंदगी में कुछ कर दिखाने का, इसलिए अभी भी सफ़र जारी है.
तुमने बात को पकड़े रखा _ और हाथ _ छोड़ दिया..!
लेकिन उसका अंजाम उसके बुरे वक्त में दिखता है.