मस्त विचार 4682
काश कि कुछ यादें भी धुल जाती….
तो कुछ पल सुकूँ से जी लेते हम भी…
तो कुछ पल सुकूँ से जी लेते हम भी…
ज़िंदगी भर ये तकरार किसके लिए।
जो भी आया है वो जायेगा एक दिन,
फिर ये इतना अहंकार किसके लिए॥
हद से ज्यादा समझदारी ,,,,, जीवन को नीरस कर देती है.
” किसी दूसरे को नुकसान न पहुंचे “
जो चला गया वो थोड़े लौट आयेगा..
_ कर भला तो हो भला और कर बुरा तो हो बुरा..
अपनी समस्याओं को पहचानें, लेकिन समाधान के लिए अपनी शक्ति और ऊर्जा दें..