मस्त विचार 4677
पाँव हौले से रख कश्ती से उतरने वाले,
पैर अक्सर किनारों पे ही फिसला करते हैं.
पैर अक्सर किनारों पे ही फिसला करते हैं.
जहाँ दर्द तो होता है. मगर आवाज़ नहीं होती..!
उलझा हुआ सा मुझमें कोई और भी है.
हमने भी रख दिए अपने सवालात बांधकर।”
तो अवश्य वो कुछ ऐसा भी देंगे, जिसे पाने का आपने कभी सोचा भी नहीं होगा.
इसलिए हमेशा हर परिस्थिति में खुद पर विश्वास रखें.