सुविचार 4928
बाद में पछतावा करने से अच्छा है, एक बार और _ जी जान लगाकर _ कोशिश कर ली जाए.
और शिकायत सबको हवा से रहती है…
आपका दिमाग आपकी भावनाओं से ज्यादा मजबूत होना चाहिए.
खुद के मालिक बनो_ स्वतंत्रता क्या होती है_ इसे जियो और जीने दो.
” यदि अपनी खुशी के लिए दूसरों पर निर्भर रहते हो, _ तो आप एक गुलाम हो “.
अगर वो मेरे थे तो _ मेरे हुए क्यों नहीं..
एड़ियां उठाने से शख्सियत बड़ी नहीं होती…!!
सबसे पहले आप खुद पर विश्वास करना सीखिए..
_ यकीन करें आप किसी पर विश्वास करने के पहले आप खुद से एक बार राय जरूर लेंगे.
सब को अपनी ही किसी बात पे रोना आया..