सुविचार 4000
जीवन को संतुलित करने के बजाए, इसे संयोजित करने का प्रयास करें.
_यहां मैं भी मतलबी हूं, और तू भी मतलबी है..
लेकिन उनके बुरे बर्ताव के बाद आप में आए बदलाव के लिए आप को दोष जरूर देंगे.
यदि आप दूसरों के नकारात्मक व्यवहार से जुड़ते हैं तो यह आपको उनके स्तर तक नीचे ले आता है.
_अन्तर्मन को सुन्दर बनाकर देखें, बाहर सब- कुछ सुन्दर दिखाई देगा.
_वो गुनाह करने वाले से भी बडा़ गुनाहगार है, “
जिससे भविष्य अतीत से बेहतर हो सके.
_अगर अहमियत होगी तो लोग खुद याद कर लेंगे..