मस्त विचार 4733
सोचो मत, बस चल पड़ो… रास्ते बताएंगे तुम्हारी मंज़िल कहाँ है….!!!!
यदि आप कुछ दिनों तक उन्हें याद करना छोड़ देते हैं…!!!
उसे आज ही जहर की तरह त्याग देना ही उचित है.
पर तुमने तो इतना भी ना पूछा कि, खामोश क्यों हो…!
अन्यथा उसे न करने के हजार बहाने हैं.
उन्होंने कहा, “साल में दो ही दिन होते हैं कि कुछ नहीं किया जा सकता, _ एक को बिता हुआ कल कहा जाता है और दूसरे को आने वाला कल कहा जाता है, इसलिए आज प्यार करने, विश्वास करने और ज्यादातर जीने का सही दिन है “
जो सिर्फ अपने मतलब के लिए मेरे साथ था..
मेहनत पे मेहनत करो तो तक़दीर बन जाती है.