सुविचार 3840
पर जिंदगी जैसी है वैसी ही रहेगी, आपको मजबूत बनना पड़ेगा.
पर जिंदगी जैसी है वैसी ही रहेगी, आपको मजबूत बनना पड़ेगा.
उठेंगे जब तूफान बनकर उठेगें बस अभी हमने उठने की ठानी नही है.
वे आपका तब तक मज़ाक उड़ाएंगे जब तक कि आप सफ़ल न हो जाएं.
आपको जितना मिला बहुत लोगों का उतना ख्वाब है..
_ सकारात्मकता सफलता की आधी मंजिल है….
परंतु उपाय करें कि स्वयं को फिर से महँगा कैसे किया जाए.
लोग उसकी परवाह नहीं करते….
उसे तो सिर्फ फायदे पसन्द है…
_तो हम और अधिक परेशानियों-कष्टों की तलाश क्यों करें ?
उन लोगों से बचें जो आपकी आवश्यकता होने पर आपका सम्मान करते हैं और जब आपकी आवश्यकता नहीं तो आपका अनादर करते हैं.
अनादर उन दरवाज़ों को बंद कर देगा जिन्हें माफ़ी दोबारा नहीं खोल सकती.