सुविचार 4689

दिल की किताब को बारीक़ी से पढ़े बिना महज़ किताबें पढ़ते रहना किसी काम का नहीं.

सुविचार 4687

जिस प्रकार आज लगाया गया छोटा सा पौधा भविष्य में विशाल वृछ बनता है,

_ उसी प्रकार वर्तमान में किए गए हर छोटे प्रयास भविष्य में बड़े परिवर्तन की ओर ले जाते हैं.!!

परिवर्तन का द्वार भीतर से खुलता है, जो अपनी गलती नहीं देख सकता, वो कभी मंज़िल नहीं पा सकता.!!

सुविचार 4685

बुद्धि के हम आदी हो गए हैं, इसलिए प्रेम से परिचय बनाना मुश्किल है.!!
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