मस्त विचार 3689
_ क्योंकि जो सुगंध फैलाता है उसे कोई बुझा नहीं सकता.
_ क्योंकि जो सुगंध फैलाता है उसे कोई बुझा नहीं सकता.
_ फिर ज़िंदगी भर मौज़ करो.
और अगर एक कान से सुन कर दूसरे कान से निकाल दो तो ;
_ “ज़िन्दगी मौज बन जाती है”
महत्वपूर्ण है हम बेहतर से बेहतरीन बनें.
_ लेकिन अगर हम अपने असभ्य और रूखे व्यवहार से स्वयं को इंसान से बदतर बना लें,
तो क्या वह “इंसानियत” भी अर्जित की जा सकती है ?
_ चाहे कोई लाख कोशिश कर ले, दुनिया में इंसानियत ही जिंदा रहेगी..!!
उससे लाख गुना बेहतर आपको जरूर मिलेगा..
When thinking about life, remember this: no amount of guilt can change the past and no amount of anxiety can change the future.
_लेकिन अपने आप को चिंता न करने के लिए प्रशिक्षित करें.!
आप कभी भी महसूस नहीं कर पाएंगे कि आप कितने मजबूत हैं, जब तक कि आपके पास मजबूत होने के लिए एकमात्र विकल्प नहीं बचा है.