सुविचार 3809

ये जरुरी नहीं की आपका हर करीबी व्यक्ति आपका शुभचिंतक ही हो,

उनमें से कुछ आपका शुभ होता देख कर चिंतित भी हो जाते हैं.

मस्त विचार 3684

खिले रहो आप फूलों की तरह, ख़ुशबुओं को फैलाते रहो.

बीत जाएगी ज़िंदगी रोशनी में, अंधेरो को भगाते रहो.

सुविचार 3808

जो दूसरों के आधार को अपना समझ लेता है, फिर उसे अपना आधार कभी नहीं मिलता.

सुविचार 3807

यदि आप स्वार्थ की आदत को अपनी आदत बना लेते हैं,

तो आप जीत कर भी हार जाएंगे.

मस्त विचार 3681

क्या अब भी मैं तुम्हें याद हूं

क्या अब भी तुम मुझे याद हो

पहले बहुत पहले सबसे पहले आते थे तुम

अब भी हो लेकिन सब के बाद आते हो …

सुविचार 3806

अनुभव व दृष्टि का ज्ञान व विवेक के साथ सामंजस्य हो जाये, बस यही सार्थक जीवन है.
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