सुविचार 3801
स्मृतियाँ भूतकाल से और कल्पनाएँ भविष्यकाल से जुडी रहती है,
_ इसलिए स्मृतियों से सबक लेकर भविष्य के लिए योजना बनाओ.
_ इसलिए स्मृतियों से सबक लेकर भविष्य के लिए योजना बनाओ.
किसी को अच्छा या किसी को बुरा कहना,
मानो इन छोर के बीच जैसे कुछ है ही नहीं…
हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा है.
दूसरों से बेहतर होने की चिंता न करें, _ खुद को बेहतर बनाने पर ध्यान दें..
धोखा देना गिरे हुए लोगों की पहचान होती है.
अपने ही क्यों दे रहे हैं जख्म, इस बात से हैरान हूँ मैं.
इसलिए हमें हमेशा अच्छा ही सोचना चाहिए.
कभी – कभी ज्यादा नेकी भी सज़ा लाजवाब दिलाती है.
उसकी विशेषताओं की बार-बार याद दिलाओ.