मस्त विचार 3672
मन से निर्मल हो नहीं पाते, रोज- रोज गंगा नहाने वाले.
मन से निर्मल हो नहीं पाते, रोज- रोज गंगा नहाने वाले.
लेकिन यार, बात – बात पर रंग बदलें, इतने भी रंगीन नहीं हैं हम.
_ कि आप पत्थर के बने हैं या शीशे के.
If you fulfill your obligations everyday you don’t need to worry about the future.
अपने गुस्से पर नियंत्रण रखें, और लोगों से ऐसी बातें न कहें, जिससे आपको बाद में पछताना पड़े, _ जीवन में कुछ चीजें, जो आप वापस नहीं ले सकते..
_ *जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का !!*
_ ये जिंदगी है यार, हौसलों से चलती है..!!
यह मेरे जीवन का एक बड़ा विषय है, अपने बारे में सीखना और एक बेहतर इंसान बनना. मैं कार्य प्रगति पर हूं; मेरे पास हर दिन खुलासे होते हैं.
सब कुछ वैसा ही होता है जैसा उसे होना चाहिए था, और हम बस उसे प्रकट होते हुए देखते हैं. और आप इसे नियंत्रित नहीं कर सकते. _ पीछे मुड़कर देखने पर, आप यह नहीं कह सकते, “मुझे करना चाहिए था …” आपने नहीं किया, और आप होते, तो परिणाम कुछ और होता.
तकनीक बेहतर हो रही है. एक दिन ऐसा आएगा जब आप अपनी पसंद का कोई भी संगीत, कहीं भी, मांग पर, उस गुणवत्ता में सुन सकेंगे, जो उतनी ही अच्छी होगी, जितनी तब थी जब इसे बनाया गया था। चीजें उसी दिशा में आगे बढ़ रही हैं.
मुझे कभी भी ऐसा महसूस नहीं हुआ कि मुझे कभी भी कुछ भी करते हुए पैसा कमाना है.
मुझे ऐसी चीजें पसंद हैं जो अनोखी और चरम हैं.
_ अपने मन की करते ही आपकी सारी अच्छाइयाँ ख़त्म हो जाती हैं..