मस्त विचार 4536
इस दुनिया का उसूल है कि यहाँ गिरते हुए को संभालने वाले तो मिल जाएंगे
पर जो गिरा है उसे उठाने के लिए कोई नही झुकना चाहता.
पर जो गिरा है उसे उठाने के लिए कोई नही झुकना चाहता.
जबकि इस भाग-दौड़ का मक़सद, एक स्थायी पते की तलाश था.
कि वो तुम्हारे बगैर ही जीना सीख जाए.
कल्पना और क्रोध मानव शरीर को पूरी तरह से नष्ट कर देते हैं, _ सहनशीलता सबसे बड़ी मानवीय संपत्ति है.
_ संगीन हकीकत है दुनिया, यह कोई सुनहरा ख्वाब नहीं.!!
लेकिन कैसे कह दूं इंतजार नहीं है…!!