सुविचार 4681
जब कोई आपकी कीमत नहीं समझे, तो उदास ना होइए ;
बस ये जान लीजिए कि कबाड़ी को कभी हीरे की परख नहीं होती.
बस ये जान लीजिए कि कबाड़ी को कभी हीरे की परख नहीं होती.
हमने तो जलने का हुनर भी तूफ़ानों से सीखा है..!
बस माफ़ करके सीधा दिल से निकाल दो..
और हम जिंदगी भर उन्हें अपने राज बताते रहे.
आप अपने बारे में क्या सोचते हैं, यह उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं.
जैसे ही आपके मन में कुछ करने का आवेग आता है, रुकें और देखें
_ क्या यह आवेग है या यह आपके अस्तित्व का विस्तार है.
आपको निराश होने की नहीं, रास्ते ढूंढ़ने की जरुरत है.
फिर वो चाहे धन हो या खुशियां..