सुविचार 3599
खुलकर हंसने से फेफड़ों में लचीलापन बढ़ता है और उन्हें ताज़ी हवा मिलती है.
खुलकर हंसने से फेफड़ों में लचीलापन बढ़ता है और उन्हें ताज़ी हवा मिलती है.
_ जो हुआ, वो नुकसान नहीं था, वो एक सबक था.
कल कभी नहीं आता, हमेशा आज होता है.
_ क्योंकि आप किसी ऐसे व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने पर अड़े हुए हैं _जिसने आपको नुकसान पहुंचाया है.
_ एक बार जब वह बीज आपके दिमाग में जड़ें जमा लेता है और आप कार्रवाई करना चुनते हैं, तो आप एक ऐसे रास्ते पर चले जाते हैं जहां से आप वापस नहीं आ सकते.
_ आगे बढ़ें और उन लोगों की तरह न बनें ..जिन्होंने आपको चोट पहुंचाई है.!!
_ आपकी काबिलियत चमकती है, हैसियत नहीं..!!
_ चिरागों का कोई अपना मकां नही होता..
_ चल चराग़ जलाएं अंधेरा मिटेगा !!
_ जो खोया है वो साथ लाये थे क्या !
और उन्हें सुधारने के लिए आपको साहसी होना होगा.
_ किसी भी वस्तु या व्यक्ति के पीछे अपना वक्त बर्बाद न करें..!!!!!!!!!!!!!