सुविचार 3644
हाथ की लकीरों से ज्यादा खुद पर विश्वास करके देखो,
_ सपनों को हकीकत बनने में ज्यादा समय नहीं लगेगा.
_ सपनों को हकीकत बनने में ज्यादा समय नहीं लगेगा.
_ हर कोई डूबती हुई कश्ती से उतर ही जाता है..
इसीलिए अपने लहजे की हिफ़ाज़त करिए.. वर्ना आप अपनों को खो सकते हैं.
_ वहां हम भी हमेशा के लिए परिवर्तित हो जाते हैं.
_ शब्द तो आजकल तहलका मचा देते हैं…
और जो स्वीकारा न जा सके ; उससे दूर हो जाओ ; लेकिन स्वयं को खुश रखो..
_ है खुद भले हों बेवफ़ा, लेकिन तलाश वफ़ा की है !
_ मुझे मालूम है क़िस्मत का लिखा भी बदलता है.