मस्त विचार 3510
बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता साहब,
कुदरत परिन्दों को खाना जरूर देती है, मगर घोसलों में नहीं…!!!
कुदरत परिन्दों को खाना जरूर देती है, मगर घोसलों में नहीं…!!!
_ जब तक उसे पूरा करने के लिए, मेहनत ना की जाए..
” मन ही सब कुछ है। आप जो सोचते हैं, वही बन जाते हैं “
“खर्च करने के बाद जो बचता है उसे बचाओ मत; बचत करने के बाद जो बचता है उसे खर्च करो”
_ अपनी ग़लती मानें और सॉरी कहना भी सीखें.