मस्त विचार 3424
ख़्वाब टूटे हैं मगर हौसले ज़िंदा हैं, हम वो हैं जहाँ मुश्किलें शर्मिंदा हैं.
ज़िंदा अगर रहना है तो चुप चाप एडजस्ट कर के रहो,
_ ये दौर बग़ावत के लिए ठीक नहीं है.!!
_ ये दौर बग़ावत के लिए ठीक नहीं है.!!
_ खुश रहने का समय नहीं, बस खुश दिखने की होड़ है..
कोशिश करें कि परिणामों से न जुड़ें ; अधिकतर, आपका उन पर बहुत कम नियंत्रण होता है, और जब वे आपकी अपेक्षा पर खरे नहीं उतरते हैं, तो यह कलह पैदा करता है.
परंतु नींद, शांति और आनन्द से बढ़कर कुछ भी नहीं…
Sleep is the most blessed and blessing of all natural graces.
_ हँसकर खामोशी से चल राहो मे….
_ खता किसी की हो मगर, मैं हाथ जोड़ लेता हूं, _ यूं खतरा टाल देता हूं.