मस्त विचार 3393
वो काम भला क्या काम हुआ, _
_ जिस का काम बोझा सर पे हो,
_ जिस का काम बोझा सर पे हो,
” आलस्य आकर्षक लग सकता है, लेकिन काम संतुष्टि देता है “
_ मुस्कुराहट को ले कर घर में प्रवेश कीजिए.
_ आप का शुभ होते ही चिंतित हो जाते हैं.!
_ वो हरगिज़ नहीं बख्शे जाते, जिनकी नियत खराब होती है,,
_यूँ बंद आँखों से सोया भी नहीं जाता,
_ यही सोच कर मैं उम्र भर पत्थर बना रहा.
और सबसे कम मूल्यवान, वह जो बाँटने पर कम हो जाती है.