सुविचार 3605
अपनों की कोई बात बुरी लगे तो ख़ामोश हो जाइये, अगर वो अपने हैं तो समझ जायेंगे,
और अगर न समझे तो आप समझ लेना कि वो अपने थे ही नहीं.
और अगर न समझे तो आप समझ लेना कि वो अपने थे ही नहीं.
_ हौसलों से भरी यह कोशिश ; एक दिन जरूर रंग लाएगी..
हम यह नहीं चुन सकते कि हमारे साथ क्या होता है लेकिन हम यह चुन सकते हैं कि हम कैसे प्रतिक्रिया दें.
_ जबकि खुले विचार आपको एक बादशाह बना कर रखेंगे…
_ उसको संसार की सारी दौलत मिल कर भी संतुष्टि नहीं दे सकती..
“-जो थोड़े से संतुष्ट नहीं है, वह किसी चीज़ से संतुष्ट नहीं है.”
“-खुश रहने का मतलब यह जानना है कि थोड़े से संतुष्ट कैसे रहा जाए.”