सुविचार 4659
“फिक्र न करो, तुम्हारे गुनाह तुम्हें तलाश ही लेंगे !”
कल्पना और क्रोध मानव शरीर को पूरी तरह से नष्ट कर देते हैं, _ सहनशीलता सबसे बड़ी मानवीय संपत्ति है.
_ संगीन हकीकत है दुनिया, यह कोई सुनहरा ख्वाब नहीं.!!
लेकिन कैसे कह दूं इंतजार नहीं है…!!
इसका मतलब ये थोड़ी है कि इंसान चलना ही छोड़ दे.
एक ऐसे शख्स की तलाश में हू..
जब वो चीज उसके पास होती है तो उसकी वो कद्र नहीं करता है..!
_ और जो हमें मिला है उसकी कद्र करना भूल जाते हैं.!!