सुविचार 4916
बीते हुए समय को याद न करना और भविष्य की ज्यादा फ़िक्र न करना
और वर्तमान मैं तटस्थ रहना जीवन की श्रेष्ठ कला है !!!
और वर्तमान मैं तटस्थ रहना जीवन की श्रेष्ठ कला है !!!
बल्कि ज्यादातर चिंता, निराशा, भय और असंतोष के कारण होती है.
आप भी कभी मुझे अपनाते तो अच्छा लगता !!
वरना मेरी उम्मीद बढ़ती ही जा रही थी..
लेकिन जब कोई अपनों से धोखा खाता है तो मौन हो जाता है.
#बस_ तू _साथ_दे_मेरा_मैं_अकेला_ही_काफी_हूँ..
उसकी गलतियाँ पकड़ते हैं.
गलतियां आपकी कोशिशों का सबूत हैं.
कर्म की शाख को भी हिलाना पड़ता है..