मस्त विचार 3339
“हर कोई सुख की चाबी ढूंढ़ रहा है,”
_पर सवाल यह है कि ” सुख को ताला किसने लगाया है ” ???
ज़िंदगी से जिंदगी का ज़िंदगी भर था सवाल, आखिर किया क्या ज़िंदगी भर..
_पर सवाल यह है कि ” सुख को ताला किसने लगाया है ” ???
_ इसलिए सच्चे व्यक्ति को गलत समझा जाता है.
_ क्या पता कल वो दिन हो, जिसका आपको बेसब्री से इंतजार था ..
_ कब जीत जाओ पता भी ना चले..
लेकिन कोई है जिसके पास आपसे ज्यादा मुश्किलें हैं ..
दुनिया अभी भी अच्छे और दयालु लोगों से भरी है, _ यदि आपको एक नहीं मिल रहा है, तो एक बनें..
उम्र- भर जी के भी जीना नहीं आया मुझको….