मस्त विचार 3447
इक दिन बैठकर हंसी हमने ग़म के नाम कर दी___
_ फ़िर ” हम कभी न रोये “___
_ फ़िर ” हम कभी न रोये “___
_ उदारता हमारी स्वाभाविक दशा है.
_जब हम इसे आसान बनाने की कोशिश करते हैं..!!!!
_ समस्या तो होती है, लेकिन समाधान भी साथ होता है,”
जो इसके लिए रूचि पैदा करेंगे, उनको समय भी मिल जायेगा.
_ मुद्दा ये है के परवाह किसको है !
_ ज़माने में उनका भी हूनर बोलता है..