सुविचार 3488
” जीवन की सर्वोत्कृष्ट उपलब्धि है, _ सच्चाई से स्वयं का विश्लेषण कर पाना “
” जीवन की सर्वोत्कृष्ट उपलब्धि है, _ सच्चाई से स्वयं का विश्लेषण कर पाना “
_ मैं पन्ना पलटता हूँ तो ये किस्सा ही बदल देती है !!
बड़ी सफलता नहीं पाई जा सकती..
_ यार एक काम था.
_ निखरा हुआ आंतरिक रूप आपके जीवन में भी मंगल ही लाता है.
_ उतना ही बाहर से सँवरता और निखरता है.
_ कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा.
_ तो ‘ मुश्किल ‘ को ही ‘ मंजिल ‘ बनाएं.
जो प्रतिशोध के बजाय…परिवर्तन की सोच रखते हैं…