सुविचार 3492
एक सहन करने वाला ही समझ सकता है कि उसे तकलीफ कितनी है, _
_ दूसरे तो बस उसके बारे में अनुमान ही लगा सकते हैं.
_ दूसरे तो बस उसके बारे में अनुमान ही लगा सकते हैं.
_ सच तो ये है कि ” नकाब ” उतर जाते हैं !
_ यकीं मानिए यहां कांटा हर गुलाब में है..!!
अपनी खुशी की चाबी किसी और की जेब में मत डालो.
_ परिंदा पिंजरे में पिंजरा हवा में रक्खा गया..!
_ यह प्यार नहीं, आराम और आदत का मामला है..!!
_ क्योंकि बता देने से फ़ैसले होते हैं, ना बताने से फ़ासले….
_ न मानो तो कौन किसी का क्या लगता है…
_ तुमको आसान बात लगती है ..!!