सुविचार 3339
दुखों को भोगकर भी आदमी यह स्वीकार नहीं करता
कि दुखों को निमंत्रण भी उसने ही दिया है.
कि दुखों को निमंत्रण भी उसने ही दिया है.
मेरी दुनिया उजाड़ी थी एक शख्स ने यूँ ही दिलासा देकर.
जिन्होंने अपनी जिंदगी में हर जगह धोखा खाया है.
और जरा सी नजर फेर ले तो मोहताज बना देता है…
कल जब उभरोगे सबसे अलग निखरोगे.
So smile, life is too short to be unhappy.
जो कोई भी इसे पढ़ रहा है, आप सुंदर हैं और कोई आपका दीवाना है, _ _ तो मुस्कुराइए, दुखी होने के लिए जीवन बहुत छोटा है.
क्यूँकि नदी को भी सागर से मिलने के लिए मौसम और बाढ़ आने का इंतजार करना पड़ता है.
तलाश उसकी करो जो अंधेरों में भी साथ दे…!!