सुविचार 3459
” तुम्हारी जमीन के हिसाब से हो न हो,
मैं शब्द नहीं, सत्य का बीज बिखेरता हूं,
यही मेरी झोली में है.
मैं शब्द नहीं, सत्य का बीज बिखेरता हूं,
यही मेरी झोली में है.
सबसे आसान काम है सब से खुश रहना.
मगर जीवन बुरा कदापि नहीं हो सकता.
“मैं खुद को और कितना बदल सकता हूँ ताकि मेरा काम अधिक प्रभावी हो जाए ?”
फिर भी कल के लिए परेशान हैं हम…
_ उन पर काबू पाने से जीवन सार्थक होता है.
दुनिया में सबसे अच्छी भावनाओं में से एक यह जानना है कि कोई आपकी वजह से खुश है.
_लछ्य से हर हाल में प्यार करो ..