सुविचार 3450

गुस्से के समय थोड़ा रुक जायें और ग़लती के समय

थोड़ा झुक जाएं, जीवन आसान हो जायेगा.

सुविचार 3449

आस्था अस्तित्व की नीवं है, बिना आस्था के हमारा अस्तित्व एक ऐसे नीवं रहित भवन जैसा होगा

जो हवा के हर झोंके और आँधी की दया पर निर्भर होता है.

मस्त विचार 3323

समस्त संसार के लिए हो सकता है कि आप केवल एक इंसान हों, _

_ लेकिन संभव है कि किसी एक इंसान के लिए आप पूरा संसार हों ..

सुविचार 3448

जीवन की सबसे बड़ी निराशा है, उन लोगों का साथ छूट जाना, जो आपकी ज़िंदगी का हिस्सा थे, _

_ सबसे कठिन है अलविदा कहना, __ पर उससे भी ज्यादा पीड़ादायी हैं, अलविदा भी न कह पाना ..

जो जा रहा है उसे जाने दो, ‘उसका रूकना’ रह जाना नहीं होगा.

_ वो तय कर चुका है जाना, अब बस तुम्हें विदा करना होगा..!!

कभी-कभी ऐसा लगता है कि सबसे खूबसूरत चीज है बिना कुछ कहे, बिना अलविदा कहे चले जाना.

_ क्योंकि जब आप चुपचाप किसी की ज़िंदगी से चुपचाप चले जाते हैं, तो आप अपने पीछे एक अंतहीन इंतज़ार छोड़ जाते हैं –
जो आपको उस शख़्स में हमेशा जीवित रखता है,
_ आप चले तो जाते हैं, मगर मरते नहीं बल्कि उस इंतज़ार में साँस लेते रहते हैं, हर रोज़, हर पल..!!

मस्त विचार 3322

शुक्रगुज़ार कैसे ना हों हम आपके ज़नाब, _

_ आपने वक़्त भी दिया, तो हमें बर्बाद करने के लिए !!

सुविचार 3447

जब हम स्वीकार करना और प्रेम करना सीख लेते हैं,

तब हमारे जीवन का हर पहलू फैलने- फूलने लगता है.

आप मक्खी को नहीं समझा सकते कि फूल कचरे से ज़्यादा खूबसरत हैं.!!

सुविचार 3446

जीवन में करीब करीब ऐसा ही हो रहा है,

जो दुख हमने दूसरों को दिए हैं, वे लौट आएँगे.

जो सुख हमने दूसरों को दिए हैं, वे भी लौट आएँगे.

दुख भी हजार गुने होकर लौट आते हैं,

सुख भी हजार गुने होकर लौट आते हैं.

अपना सुख ऐसा बनाना कि आप पर ही निर्भर हो,

दूसरे के दुख पर निर्भर न हो.

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