मस्त विचार 4748
प्यासे की प्यास तो दरिया ही बुझा पाता है..
प्यासे की प्यास तो दरिया ही बुझा पाता है..
इसलिए अधिक न सोचें…केवल संघर्ष पथ पर चलते रहें..मुकाम नजदीक है..!!!
निष्ठा, सहानुभूति, सम्मान..ये ऐसे भाव हैं जो परायों को भी अपना बनाते हैं.
_ वक़्त सूरज को भी हर रोज़ बुझा देता है….!!
जिनको ठोकरों से बचना सिखाया..
यह जानते हुए भी कि यहाँ कुछ स्थिर नहीं है.
यदि आपके पास पीछे से आने का दिल है तो आपको नेतृत्व करने की आवश्यकता नहीं है.
और कोई न साथ देने को तैयार और न हाथ थामने को..
तो यह उससे कहीं अच्छा है की कोई दूसरा उसे सुधारे !!
तुमको अपने आप ही … सहारा मिल जाएगा
कश्ती कोई डूबती … पहुँचा दो किनारे पे
तुमको अपने आप ही किनारा मिल जाएगा..