सुविचार 4853
जिस तरह इंसान साँस छोड़ने में आनाकानी नहीं करता क्योंकि वह जानता है, एक साँस छोड़ने के बाद अगली साँस खुद-ब-खुद आएगी.
उसी तरह जीवन में भी चीज़ों को फ्री फ्लों में आने-जाने दें, उनसे चिपकाव न रखें.
जिस तरह इंसान साँस छोड़ने में आनाकानी नहीं करता क्योंकि वह जानता है, एक साँस छोड़ने के बाद अगली साँस खुद-ब-खुद आएगी.
उसी तरह जीवन में भी चीज़ों को फ्री फ्लों में आने-जाने दें, उनसे चिपकाव न रखें.
कोई उसे ख़ास समझ कर अपना लेता है.
जिस जिन्दगी को जीना है …उसी से लड़ना भी है ..!!
” आप जो कुछ भी करते हैं उसके लिए आवश्यक शर्तें पसंद, प्यार, जुनून होनी चाहिए “
तेरा हर एक पल ….मेरी उम्र घटा रहा है..
तब हर छोटी छोटी चीज भी कीमती लगने लगती है.
हंसने वाला किरदार कभी अपना दर्द किसी और को बताता नहीं..
इसलिए बिखराव का होना भी जरूरी था.